मुंबई में ‘महापेक्स’ प्रदर्शनी में हुई घटना

मुंबई – यहां आयोजित ‘महापेक्स’ प्रदर्शनी में डोंबिवली के ८२ वर्षीय नागरिक रमेश पारखे को हिन्दी में बोलने के लिए विवश किया गया । इस समय प्रदर्शनी अधिकारी ने कहा, “आप इस प्रकरण की शिकायत कहीं भी कर सकते हैं, हमें कोई हानि नहीं होगी ।” संबंधित वरिष्ठ अधिकारी ने अधिकारी के विरुद्ध शिकायत प्रविष्ट की है ।
पारखे प्रदर्शनी में जो साहित्य देखना चाहते थे, उसे मराठी में मांगा । उस कक्ष में उपस्थित अधिकारी ने उनसे कहा, “अगर आप हिन्दी नहीं बोलेंगे तो हम आपसे बात नहीं करेंगे ।” आपको हिन्दी में ही बोलना होगा । आप जाओ, कहीं भी जाओ, शिकायत करो, हमारा कुछ नहीं बिगडेगा ।” इस समय पारखे ने कहा, ”महाराष्ट्र में रहकर इस प्रकार से दादागिरी करना ठीक नहीं है ।”
संपादकीय भूमिकाराज्य सरकार लोगों को मराठी में बोलने और लेन-देन करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है; परंतु, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अधिकारी मराठी लोगों के साथ अनुचित व्यवहार कर रहे हैं । क्या सरकार ऐसी बाधाएं उत्पन्न करने वालों पर कार्रवाई करेगी ? |
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