‘सनातन प्रभात’ हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के आंदोलन का ऊर्जास्रोत है ! 

‘सनातन प्रभात’ में रखे जानेवाले विषयों के कारण अभियानों एवं आंदोलनों का आरंभ !

हिन्दू जनजागृति समिति का कार्य आरंभ होने के उपरांत ‘सनातन प्रभात’ में हिन्दूद्वेषी चित्रकार एम.एफ. हुसैन द्वारा हिन्दू देवताओं तथा भारतमाता के नग्न एवं अश्लील चित्र बनाए जाने के समाचार प्रकाशित हुए । इन समाचारों से समिति को जानकारी मिली कि ‘उनके चित्रों की प्रदर्शनियां लगनेवाली हैं ।’ उसके कारण विभिन्न स्थानों पर चित्रकार एम.एफ. हुसैन के विरोध में आंदोलन हुए । पूरे भारत में १ सहस्र २५० से अधिक स्थानों पर शिकायतें पंजीकृत की गईं तथा हुसैन को भारत से भाग जाना पडा । ‘सनातन प्रभात’ में प्रकाशित समाचारों के कारण यह आंदोलन इतने बडे स्तर पर बढता गया, इसे स्वीकार करना पडेगा । उसके उपरांत भी समाज को धर्महानि की घटनाओं के विषय में ‘सनातन प्रभात’ से ही जानकारी मिली । अभी भी फिल्मों, विज्ञापनों, चित्रों आदि विभिन्न माध्यमों से हिन्दुओं के देवताओं, धर्मग्रंथों आदि का अनादर करनेवाली घटनाएं होती रहती हैं । उनके विरुद्ध ‘सनातन प्रभात’ तत्परता से आवाज उठाता है ।

‘सनातन प्रभात’ सत्यनिष्ठा के लिए आशा की किरण !

हिन्दुत्व के कार्य के अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर हिन्दुत्वनिष्ठ, धर्मप्रेमी, अधिवक्ता, मंदिर न्यासी, उद्योगपति आदि से संपर्क होता है । अकोला में एक बार हिन्दुत्वनिष्ठों की बैठक चल रही थी, उस बैठक में एक हिन्दुत्वनिष्ठ ने कहा, ‘‘हमारे घर अन्य २ समाचार पत्र भी आते हैं; परंतु जब हमें किसी समाचार की वस्तुनिष्ठता एवं सत्यता की पडताल करनी होती है, तो उस विषय में ‘सनातन प्रभात’ में क्या समाचार छपा है ?, यह हम देखते हैं तथा उसके उपरांत ही हम अपनी भूमिका सुनिश्चित करते हैं; क्योंकि ‘सनातन प्रभात’ सत्य का आधार है तथा वह सत्यनिष्ठा पर चलनेवाला नियतकालिक है । ‘सनातन प्रभात’ आधुनिक काल में राजा हरिश्चंद्र जैसी भूमिका निभानेवाला नियतकालिक है । उसके कारण हमें ‘सनातन प्रभात’ के प्रति बहुत सम्मान एवं विश्वास है ।’’

हिन्दुत्व के आंदोलनों एवं मोर्चाें को प्रसिद्धि देने में अग्रणी ‘सनातन प्रभात’ !

कुछ दिन पूर्व पुणे में मंदिरों के संदर्भ में पत्रकार वार्ता करने हेतु हम पत्रकार संघ में गए थे । हमारी पत्रकार वार्ता से पहले मोतीचूर लड्डू बनानेवाला एक प्रतिष्ठान उनका विषय लोगों तक पहुंचाने के लिए पत्रकार वार्ता कर रहा था । दूसरे दिन समाचार पत्रों ने उनकी बडी प्रसिद्धि की, ऐसा दिखाई दिया । अर्थात ‘इसके पीछे निश्चित ही ‘पेड न्यूज’ (पैसे देकर समाचार प्रकाशित करना) हो सकती है’, यह विचार मेरे मन में आया । उस समय विचार आया कि यदि कोई मोतीचूर लड्डूवाले को व्यापक स्तर पर प्रसिद्धि मिल सकती है; परंतु ‘हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों द्वारा चलाए जा रहे अभियान को लोगों तक पहुंचाने का कार्य कौन करता होगा ?’, तो वह कार्य करता है ‘सनातन प्रभात’ ! हिन्दुत्वनिष्ठों द्वारा चलाए जानेवाले उपक्रमों, आंदोलनों, मोर्चाें, विभिन्न स्थानों पर प्रशासन को प्रस्तुत किए जानेवाले ज्ञापनों, पुलिस थानों में दी जानेवाली शिकायतों; उसके साथ ही ‘लव जिहाद’, ‘भूमि जिहाद’, ‘धर्मांतरण’, ‘गोहत्या’ जैसी विभिन्न घटनाओं के समाचार वस्तुनिष्ठ, सत्यनिष्ठ तथा वास्तविक रूप में लोगों तक पहुंचाने का कार्य ‘सनातन प्रभात’ कर रहा है । उसके कारण वर्तमान में ‘सनातन प्रभात’ हिन्दुत्व के कार्य को तथा आंदोलनों को प्रसिद्धि देनेवाला आधार बन चुका है ।

हिन्दुत्व के आंदोलनों को उर्जितावस्था प्राप्त करवानेवाला ‘सनातन प्रभात’ !

‘मनोबलहीन मन तथा दुर्बल कलाई’ जैसी अवस्था प्राप्त तथा उदासीनता से ग्रस्त हिन्दू समाज को ऊर्जितावस्था दिलाने हेतु, साथ ही अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने हेतु मार्गदर्शन करनेवाला ‘सनातन प्रभात’ वर्तमान में हिन्दुओं की स्थिति रखने का प्रयास करता है । कहीं दंगा हुआ अथवा किसी मस्जिद से पथराव हुआ, तो उस विषय में अन्य समाचार पत्रों में ‘प्रार्थनास्थलों से पथराव’ अथवा ‘दो गुटों में मारपीट’ जैसे समाचार प्रकाशित किए जाते हैं । अन्य कहीं भी वस्तुनिष्ठ चित्रण करनेवाले समाचार प्रकाशित नहीं किए जाते । ‘लोकतंत्र का चौथा आधारस्तंभ कहलानेवाले इस पत्रकारिता में इतना भी साहस क्यों नहीं बचा है ?’, यह प्रश्न मन में उठता है । उसके कारण समाज को सच क्या है ?, यह पता ही नहीं चलता; परंतु ‘सनातन प्रभात’ में निर्भीकता के साथ सत्य समाचार छापा जाता है । इससे यह ध्यान में आता है कि समाज में अन्याय के विरुद्ध लडने की निर्भय वृत्ति उत्पन्न होने में समाचार पत्रों की भूमिका महत्त्वपूर्ण होती है । वर्तमान में यही भूमिका संकीर्णता तथा सर्वधर्मसमभावी वृत्ति की बनने के कारण समाचारपत्र ऊपर-ऊपर के समाचार प्रकाशित करते हैं । ‘सनातन प्रभात’ सटीक एवं स्पष्ट समाचार छापता है तथा उसके कारण ‘सनातन प्रभात’ हिन्दुत्व के आंदोलनों को उर्जितावस्था प्राप्त करवानेवाला एक माध्यम सिद्ध हुआ है ।

निर्भय एवं पारदर्शी पाक्षिक ‘सनातन प्रभात’ रजत जयंती महोत्सव मना रहा है । ‘सनातन प्रभात’ का यह कार्य प्रतिदिन बढता जाए, हिन्दू राष्ट्र-स्थापना के कार्य में उसका योगदान वृद्धिंगत हो तथा ‘सनातन प्रभात’, पाक्षिक के सभी वितरकों, साधकों तथा कार्यकर्ताओं पर ईश्वर की कृपादृष्टि सदैव बनी रहे, यही भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में प्रार्थना है !

– श्री. सुनील घनवट, महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ संगठक, हिन्दू जनजागृति समिति तथा राज्य समन्वयक, महाराष्ट्र मंदिर महासंघ (७.४.२०२४)