महाकुंभपर्व : हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के लिए २ सहस्र से अधिक धर्मयोद्धा तैयार !

३० हिन्दुत्वनिष्ठों ने ग्रहण की ‘हथियारबंद संन्यास’ की दीक्षा !

छायापंक्ति : हिन्दू राष्ट्र का जयघोष करते हुए कुंभक्षेत्र में आए हुए शिवशक्ति अखाडे के हथियारबंद संन्यासी

प्रयागराज (उत्तरप्रदेश), २४ जनवरी (संवाददाता) : उत्तर प्रदेश के कानपुर के ‘शिवशक्ति अखाडे’ के ३० हिन्दुत्वनिष्ठ संन्यासियों ने हिन्दू राष्ट्र की स्थापना हेतु हथियारबंद संन्यास स्वीकार किया है । इसके साथ ही इस अखाडे के २ सहस्र २०० युवक हथियार प्रशिक्षित धर्मयोद्धा के रूप में भी तैयार हुए हैं । शिवशक्ति अखाडे के प्रमुख मधुराम शरण शिवाजी महाराज ने ‘सनातन प्रभात’ को इसकी जानकारी दी । ये सभी हथियारबंद संन्यासी महाकुंभपर्व में आए हैं ।

इस विषय में जानकारी देते हुए मधुराम शरण शिवाजी महाराज ने कहा, ‘‘सनातन हिन्दू धर्म की रक्षा के लिए हिन्दू अब शस्त्रधारी बनेंगे तथा उसके द्वारा हिन्दू राष्ट्र की स्थापना करेंगे । ‘शस्त्रमेव जयते’ हमारा घोषवाक्य है । ‘शस्त्रमेव सत्यम्, सत्यम् शस्त्रमेव’ इस उद्देश्य को लेकर हम समाज में भ्रमण करते हैं, बैठकें करते हैं तथा यात्रा भी करते हैं । जितने भी सनातनी हिन्दू है, वे शस्त्रधारी बनें, इसके लिए हम समाज में जाकर लोगों को प्रेरित करते हैं । वर्तमान स्थिति में देश में संविधान, धर्म, पर्यावरण आदि की चर्चा चल रही है; परतुं इसके लिए इस भूमि पर हिन्दुओं का होना आवश्यक है । उसके लिए ही हम हिन्दू राष्ट्र की मांग कर रहे हैं ।’’

… तो हमारी सेना तैयार रहेगी !

अभी तक हमने ४० नगरों में भ्रण किया है । ये युवक अपना घर-बार तथा उच्चपदस्थत नौकरी त्यागकर शस्त्रधारी संन्यासी बन गए हैं । हमने हिन्दू युवकों को सशस्त्र संन्यासी बनाने का संकल्प लिया है । कुंभपर्व में भी यह कार्य जारी रहेगा । हिन्दू धर्म की रक्षा के लिए शिवशक्ति अखाडा युवकों की सेना तैयार करेगा । आनेवाले समय में किसी ने हिन्दू धर्म पर सामूहिक आक्रमण किया, तो उसका प्रतिकार करने के लिए हमारी सेना तैयार होगी, ऐसा मधुराम शरण शिवाजी महाराज ने कहा ।

प्रत्येक गांव से १० धर्मयोद्धा !

हम हिन्दुओं से यह आवाहन करते हैं, ‘आप धर्म की रक्षा के लिए हथियार लेकर आईए ।’ रात में हम विभिन्न जाति के लोगों को बुलाते हैं, उनके घर में भोजन करते हैं तथा उसके उपरांत अखाडे के संन्यासी गांव-गांव जाकर जातिभेद दूर कर हिन्दुत्व के सूत्र पर कार्य करते हैं । वे धर्म के लिए कुछ भी करने के लिए तैयार होते हैं । प्रत्येक गांव से ऐसे १० धर्मयोद्धाओं का चयन किया जाता है तथा उन्हें अखाडे में भर्ती किया जाता है । प्रत्येक स्थान पर ऐसे २०० युवकों को अखाडे में भर्ती करना हमारा लक्ष्य है । हमारे यहां त्रिशूल, तलवार, भाला एवं गदा इन हथियारों को चलाने का प्रशिक्षण दिया जाता है, ऐसी जानकारी मधुराम शरण शिवाजी महाराज ने दी ।

हिन्दू महाकुंभ में आकर अपना धर्म जान लें !

हिन्दू लोग हिन्दू धर्म को तो मानते हैं; परंतु उन्होंने धर्म की शिक्षा नहीं ली है । हिन्दू महाकुंभ में आकर अपना धर्म जान लें । हिन्दू धर्म को जान लेने से ही वे धर्मयोद्धा बन पाएंगे । धर्म की रक्षा करनी हो, तो हिन्दुओं को शस्त्रधशरी बनना ही पडेगा । ‘शस्त्रमेव जयते’ अर्थात जिसके हाथ में शस्त्र हैं, उन्हीं के वेदों का, संस्कृति का तथा परंपराओं का सम्मान किया जाता है, ऐसा मधुराम शरण शिवाजी महाराज ने कहा ।

‘सनातन प्रभात’द्वारा मधुराम शरण शिवाजी महाराज से की गईं भेंटवार्ता देखने के लिए क्लिक करें : https://www.youtube.com/watch?v=adLhpamNbbE