
बलि प्रतिपदा के दिन गोवर्धनपूजा करने की प्रथा है । भगवान श्रीकृष्ण ने इस दिन इंद्रपूजन के स्थान पर गोवर्धनपूजन आरंभ करवाया था । इसके स्मरणार्थ इस दिन गोवर्धन पूजन किया जाता है । प्रात:काल घर के मुख्य दरवाजे के सामने गाय के गोबर से गोवर्धन पर्वत बनाया जाता है । फिर उसपर दूर्वा एवं पुष्प चढाते हैं ।
धर्मशास्त्र में कहा गया है कि गोवर्धन पर्वत का शिखर बनाएं । फूल-पत्तों और वृक्ष-लताओं से इसे सुशोभित करें । इसके समीप कृष्ण, इंद्र, गाय-बछडे के चित्र सजाकर उनकी भी पूजा करते हैं और चित्ररथ की शोभायात्रा निकाली जाती है; परंतु अनेक स्थानों पर झांकियां निकाली जाती हैं । चंदन, फूल इत्यादि से उसका पूजन कर प्रार्थना करते हैं ।
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