
अ. पीठ : दूसरे व्यक्ति की पीठ पर उबटन लगाते समय पीठ की रीढ की रेखा के पास, दोनों हाथों की उंगलियों का अग्रभाग आए इस प्रकार रखकर ऊपर से नीचे की दिशा में दोनों हाथ एक साथ घुमाएं ।
आ. कमर : दूसरे व्यक्ति को लगाते समय कमर की आडी रेखा से पीठ की ओर उसके बाईं ओर से दाईं ओर आकर पुन: बाईं ओर से दाईं ओर जाएं । ऐसे बार-बार लगाएं ।
– एक विद्वान (श्रीचित्शक्ति (श्रीमती) अंजली गाडगीळ ‘एक विद्वान’ इस नाम से लेखन करती हैं ।) (३.१०.२००६)
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