
नई देहली – स्वदेशी आत्मघाती ड्रोन ‘नागास्त्र-1’ को भारतीय सेना में शामिल कर लिया गया है। इन ड्रोनों का पहला बैच सेना में शामिल कर लिया गया है और इसमें १२० ड्रोन शामिल हैं। ४५०० मीटर की ऊंचाई पर उड़ने वाले ये ड्रोन दुश्मन के बंकरों, चौकियों और हथियारों के भंडार को नष्ट कर सकते हैं। सैन्य आत्मघाती ड्रोनों को ‘लोइटरिंग मुनीशन’ कहा जाता है। इन ड्रोनों का निर्माण ‘इकोनॉमिक्स एक्सप्लोसिव लिमिटेड कंपनी’ और ‘जे़ड मोशन ऑटोनॉमस सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड’ द्वारा किया गया है।
Indian Army Inducts reusable indigenous suicide Drone Nagastra-1
The GPS-guided "Kamikaze Drones" are capable of accurately striking enemy training camps, launch pads and infiltrators, hence minimising risk to soldiers.pic.twitter.com/JymkkbXW4y
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) June 14, 2024
दोनों प्रतिष्ठान सोलर इंडस्ट्रीज के सहायक प्रतिष्ठान हैं। कहा जाता है कि सेना को कुल ४५० नागास्त्रे दिए जानेवाले है । इसका परीक्षण चीनी सीमा के पास लद्दाख की नुब्रा घाटी में किया गया है। नागास्त्र स्थिर पंख वाले ड्रोन हैं। यह एक बार में ६० मिनट तक उड़ान भर सकता है। इसमें एक किलो वजन का विस्फोटक ले जाया जा सकता है । इनका विस्फोट २० मीटर के इलाके को नष्ट कर सकता है ।
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