कोरोना के कारण मृत हुए लोगों के मृत्यु प्रमाणपत्र पर उल्लेख होगा !

भारत सरकार ने उच्चतम न्यायालय में प्रस्तुत किया प्रतिज्ञापत्र

वैक्सीन के दोनो डोज़ लेने पर भी दिसंबर २०२२ तक मास्क पहनना आवश्यक ही है ! – स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मत

महामारी रोगों के विशेषज्ञ डॉ. विश्वास मोंडे ने कहा कि, ७० प्रतिशत जनसंख्या का वैक्सीनेशन होना चहिए । अभी वैक्सीनेशन की जो गति है, उसे देखते हुए इस लक्ष्य को पाना कठिन दिख रहा है ।

कोरोना का छद्म परीक्षण ब्योरा प्रस्तुत करने के  प्रकरण में ७ धर्मांध गिरफ्तार !

देश में ऐसा एक भी आपराधिक कृत्य नहीं है, जो धर्मांध नहीं करते !

कोरोना पर काबू पाने के उपरांत भी वर्ष भर बने रहते हैं उसके लक्षण ! – शोध का निष्कर्ष

अध्ययन के अनुसार, चिकित्सालय में भर्ती किए गए कोरोना रोगियों में ४९ प्रतिशत रोगियों में लगभग एक वर्ष तक कोरोना के लक्षण देखे गए । यह मेडिकल जर्नल, “द लैंसेट” की प्रकाशित नवीन प्रतिवेदन के निष्कर्ष में कहा गया है ।

भारत में कोरोना समाप्त होने की स्थिति में आ गया है ! – विश्व स्वास्थ्य संघठन की मुख्य विशेषज्ञ डॉ. सौम्या स्वामीनाथन का मत

भारत में कोरोना समाप्त होने की स्थिति में आ गया है । इस स्तर पर कम या मध्यम स्तर पर रोग का प्रसार चालू रहता है । लोग जब वायरस के अनुकूल हो जाते हैं, उस समय यह स्थिति आती है ।

सामूहिक टीकाकरण के कारण तीसरी लहर के प्रभाव का अनुभव नहीं होगा

आई.आई.टी. कानपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रा. मणिंद्र अग्रवाल का दावा ।
उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली और मध्य प्रदेश जैसे राज्य अक्टूबर तक कोरोना संक्रमण से मुक्त हो जाएंगे ।

‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ का नारा लगानेवाले देशद्रोहियों को तुरंत बंदी बनाया जाए ! – हिन्दू जनजागृति समिति

ऐसी मांग करने की आवश्यकता ही क्यों है ? पुलिस स्वयं कार्रवाई क्यों नहीं करती ?

प्रतिवर्ष कोरोना की वैक्सिन लेनी पडेगी ! – अमेरिकी व्हाइट हाऊस के मुख्य सलाहकार डॉ. फाऊची

‘लोगों ने नियमित रुप से वर्ष में एक बार जैसे ‘फ्लू’ का इंजेक्शन दिया जाता है, उसी प्रकार कोरोना का वैक्सीन भी देना पडेगा’, ऐसी संभावना फाऊची ने व्यक्त की है ।

कोरोना का टीका लगाना अस्वीकार करने वाले भारतीय वायु सेना के कर्मचारी को सेवा से निकाला !  

भारतीय वायु सेना ने एक कर्मचारी को कोरोना निरोधक टीका लगाना अस्वीकार करने पर सेवा से निकाल दिया है ; ऐसी जानकारी केंद्र सरकार ने गुजरात उच्च न्यायालय में दी ।