
‘हिन्दुओ, अनेक पीढियों के संघर्ष के उपरांत श्रीराम की कृपा से हमारी पीढी को श्रीराम को उनकी जन्मभूमि में विराजमान होते हुए देखने का अवसर मिल रहा है; परंतु इतने पर संतोष मानना उचित नहीं होगा । हिन्दू राष्ट्र ही हिन्दुओं की सभी समस्याओं का उपाय है । इस हेतु आध्यात्मिक स्तर पर भी प्रयास होने आवश्यक हैं; इसलिए आज से स्वयं की साधना के साथ प्रतिदिन जितना संभव होगा, उतने समय तक अथवा न्यूनतम २ घंटे अपने इष्टदेवता का अथवा ‘श्रीराम जय राम जय जय राम’ नामजप करें । किसी को बैठकर नामजप करना संभव न हो, तो वे आते-जाते अथवा यात्रा में भी यह नामजप करें ।’
हिन्दू राष्ट्र स्थापित हो जाने के उपरांत रामराज्य में उसका रूपांतरण हो; इस हेतु साधकों सहित सभी लोग न्यूनतम २ घंटे ‘श्रीराम जय राम जय जय राम’ नामजप करें !
– सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के ओजस्वी विचार
कोटि कोटि प्रणाम !
सनातन धर्म के मूर्तिमान स्वरूप सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी के श्री चरणों में कोटि-कोटि वंदन !
संपादकीय : गुरुभ्यो नमः ।
प.पू. भक्तराज महाराजजी द्वारा अपने शिष्य डॉ. आठवलेजी के प्रति व्यक्त गौरवोद्गार !
इरोड (तमिलनाडु) में ‘महासुदर्शन याग’ एवं ‘आयुष्य होम’ भावपूर्ण वातावरण में संपन्न !