


अयोध्या की भूमि रामलला का भव्य मंदिर देखने के लिए आतुर है । अनेक शिलाएं, ईंटें, सुंदर नक्काशी किए स्तंभ, ये सारी सामग्री राममंदिर के निर्माणकार्य में समर्पित होने को उत्सुक है । अयोध्या का कारसेवकपुरम्, श्रीराममंदिर निर्माण कार्य का स्थल है । वहां अनेक वर्षाें से प्रभु श्रीराम के आगमन की प्रतीक्षा करनेवाली शिलाओं को भक्तिभाव से स्पर्श करतीं श्रीसत्शक्ति (श्रीमती) बिंदा सिंगबाळजी एवं श्रीचित्शक्ति् (श्रीमती) अंजली गाडगीळजी ! यह अत्यंत प्रेममय स्पर्श, विगत अनेक वर्षाें से इस भूमि को मुक्त करने हेतु संघर्षरत रामभक्त, ‘राममंदिर अवश्य बनेगा’, इस श्रद्धा से शिला बनानेवाले आदि सभी के परिश्रम को किया अभिवादन ही है ! ये रामनामधारी शिलाएं ‘अयोध्या में राममंदिर बनाने के साथ साधकों के मन में आत्माराम की स्थापना हो, अखिल भारत भूमि राममय हो’, इस संकल्प की वाहक हैं । इस संकल्प की पूर्ति हेतु यह अयोध्या-यात्रा भगवान का बडा आशीर्वाद है !
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम !
संपादकीय : आर्थिक अनुशासन
हिन्दू जनजागृति समिति के हिन्दू राष्ट्र संपर्क अभियान अंतर्गत राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी की मध्य प्रदेश यात्रा !
ज्ञानमूर्ति, निर्गुण तत्त्व की नित्य अनुभूति देनेवाले एवं ब्रह्मानंद में निमग्न रहनेवाले सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी
सच्चिदानंद परब्रह्म गुरुदेवजी द्वारा ३० वर्ष पूर्व दिए गए आशीर्वचन को साधक क्षण-क्षण अनुभव कर रहे हैं !
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी एकमेवाद्वितीय एवं अवतारी पुरुष क्यों हैं ?