
नई देहली – राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एन.आई.ए.) ने २०२३ में १,४०० आतंकवादी ठिकानों पर छापेमारी की तथा ६२५ आरोपियों को बंदी बनाया, साथ ही ५०० से अधिक आतंकवादियों के विरुद्ध आरोप पत्र प्रविष्ट किए । इस वर्ष ´इस्लामिक स्टेट´ के पुणे मॉड्यूल (जिसमें आतंकवादी सामान्य नागरिकों की तरह समाज में कार्यरत रहते हैं तथा भीड-भाड वाले स्थानों पर आक्रमण तथा बम विस्फोट आदि करके भाग जाते हैं) का भी रहस्योद्घाटन हुआ । राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एन.आई.ए.) की ओर से इस बात की जानकारी देने वाली एक समाचार विज्ञप्ति प्रकाशित की गई है । वहीं दूसरी ओर, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एन.आई.ए.) ने भी इसी वर्ष ७६ नक्सलियों को बंदी बनाया, जबकि ५१३ आरोपपत्र प्रविष्ट किए गए ।
(सौजन्य : WION)
१. वर्ष २०२३ में ५६ करोड रुपए से अधिक की संपत्ति भी नियंत्रण में ली गई । विदेश में भारतीय दूतावासों पर आक्रमण के प्रकरणों में ५० स्थानों पर छापेमारी कर ८० संदिग्ध लोगों से पूछताछ की गई । इसमें ४६ संदिग्धों की पहचान भी की गई है ।
२. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एन.आई.ए.) ने २५० से अधिक स्थानों पर छापे मारे एवं ५५ लोगों के विरुद्ध आरोपपत्र प्रविष्ट किए, साथ ही आतंकवादियों तथा कुख्यात गुंडा गुटों पर भी कार्रवाई की ।
संपादकीय भूमिकाकेवल बंदी बनाकर रुकना नहीं है, अपितु ऐसे लोगों को त्वरित कठोरतम दंड देने के प्रयास भी किए जाने चाहिए ! |
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