
मदुरई (तमिलनाडु) – तमिलनाडु के भ्रष्टाचार निवारण और दक्षता दल ने प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी अंकित तिवारी को दिंडीगुल के एक सरकारी डॉक्टर से ५१ लाख रुपए की रिश्वत में से २० लाख रुपए का पहला हफ्ता लेते समय रंगेहाथ बंदी बनाया । इस डॉक्टर को पुराने प्रकरण में प्रधानमंत्री कार्यालय से कार्यवाही करने का आदेश आने के विषय में धमकाकर ५१ लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी । अंकित तिवारी मदुरई के ईडी कार्यालय में तैनात है ।
अंकित ने इस डॉक्टर को धमकाकर कार्यालय में बुलाया था । उससे कार्यवाही करने के लिए ३ करोड रुपए की मांग की थी । अंत में ५१ लाख रुपए देना अंतिम हुआ था । इसके उपरांत डॉक्टर को अंकित के विषय में संदेह होने पर उसने दिंडीगुल के भ्रष्टाचार निवारण और दक्षता दल के कार्यालय में जाकर शिकायत की ।
संपादकीय भूमिकाजिन अधिकारियों को घोटालों पर कार्यवाही करनी रहती है, वे ही भ्रष्टाचार करते हैं, तो ऐसों को फांसी का ही दंड देने का प्रावधान कानून में करना अब अपरिहार्य हुआ है ! |
Somalians Life Imprisonment : नौका को हडपकर अपहृत कर्मियों को बंधक बनाने वाले सोमालिया के ४४ नागरिकों को आजीवन कारावास का दंड !
Modi NEET Paper Leak : प्रश्नपत्रिका लीक प्रकरण के दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जानी चाहिए – प्रधानमन्त्री मोदी
जंजीरा दुर्ग पर स्थायी रूप से भगवा ध्वज फहराया जाए, अन्यथा तीव्र आंदोलन करेंगे – ‘सह्याद्री प्रतिष्ठान हिंदुस्थान’ की चेतावनी
तत्कालीन समाजवादी एवं कांग्रेस सरकारों ने कब्रिस्तान की दीवारों पर पैसा खर्च करने को ही ‘धर्मनिरपेक्षता’ माना ! – Yogi Adityanath
Allahabad HC : बुलडोजर कार्यवाही के संबंध में इलाहाबाद उच्च न्यायालय का विभाजित निर्णय !
तमिलनाडु : गोहत्या करने वालों का समर्थन करने वाले मुस्लिम संगठनों का हिंदुत्वनिष्ठों द्वारा विरोध