
बीजिंग – चीन देशभक्ति की शिक्षा को प्रोत्साहन देता है । इसके लिए चीन सरकार ने देशभक्ति के हित में शिक्षा कानून सम्मत किया है । इस कानून के अंतर्गत विद्यालय-महाविद्यालयों में देशभक्ति से संबंधित पाठ्यक्रम सिखाने का प्रबंध है । यह कानून १ जनवरी २०२४ से लागू किया जाएगा । जीवन के सभी पहलुओं में चीनी युवकों में राष्ट्रीय एकता, देशभक्ति एवं कम्युनिस्ट पार्टी के प्रति निष्ठा जागृत करना, यह इस कानून का मुख्य उद्देश्य है ।
१. इस कानून में कहा गया है कि देश के कुछ लोग देशभक्ति भूलते जा रहे हैं । उनको इस बात का भान करा देने की आवश्यकता है ।
२. सरकार का कहना है कि ‘ऐतिहासिक शून्यवाद’ जैसी (हिस्टॉरिकल निहिलीजम) चुनौतियों का सामना करने के लिए इस कानून की आवश्यकता है । चीन में जब लोगों का कम्युनिस्ट पार्टी पर विश्वास अल्प होने लगता है अथवा पार्टी की क्षमता पर संदेह होकर उनकी आलोचना होने लगती है, तब उसे ‘ऐतिहासिक शून्यवाद’ कहा जाता है ।
संपादकीय भूमिकाअत: अब चीन के पाठ्यक्रम में साम्यवादियों का उदात्तीकरण करनेवाला पाठ्यक्रम होगा, यह निश्चित ! साम्यवाद के विषय में इस प्रकार झूठा इतिहास सीखकर निर्माण हुई पीढी कैसी होगी, इस संदर्भ में विचार ही न करें, तो अच्छा ! |
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