
जिन्हें अध्यात्म के प्रति रुचि है उन्हें ईश्वरप्राप्ति शीघ्र कराने हेतु तथा संपूर्ण विश्व में हिन्दू धर्म का शास्त्रीय परिभाषा में प्रचार करने के उद्देश्य से, सनातन ने जून २०२३ तक ३६२ अनमोल ग्रंथों का प्रकाशन किया है, भविष्य में हजारों ग्रंथ प्रकाशित होंगे । सनातन की अनमोल ग्रंथसंपदा मराठी, हिन्दी, अंग्रेजी इत्यादि भारतीय भाषाओं और विदेशी भाषाओं में उपलब्ध है ।
ऐसे साधकों की आवश्यकता है जो सनातन के ग्रंथों का उपरोक्त भाषाओं से गुजराती, कन्नड, मलयालम, तमिल व तेलुगु भाषाओं में, साथ ही अंग्रेजी से हिन्दी में अनुवाद कर सकें । इन्हीं भाषाओं में लिखित सामग्री को संकलित करना, मुद्रित शोधन (प्रूफ रीडिंग) तथा संरचना (फॉरमेटिंग) करने की सेवा भी उपलब्ध है । आपकी रुचि और क्षमता जिस क्षेत्र में है उसके अनुरूप आप सेवा कर सकते हैं ।
संबंधित भाषा के व्याकरण का अच्छा ज्ञान होना आवश्यकहै । जो भी सनातन के दिव्य ग्रंथों का अनुवाद मराठी/हिन्दी/अंग्रेजी से गुजराती/कन्नड/मलयालम/तमिल/तेलुगु तथा मराठी से अंग्रेजी में करने के इच्छुक हैं, कृपया यहां संपर्क करें ।
नाम एवं संपर्क क्रमांक : श्रीमती भाग्यश्री सावंत – 7058885610
ई-मेल : [email protected]
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम !
संपादकीय : आर्थिक अनुशासन
हिन्दू जनजागृति समिति के हिन्दू राष्ट्र संपर्क अभियान अंतर्गत राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी की मध्य प्रदेश यात्रा !
ज्ञानमूर्ति, निर्गुण तत्त्व की नित्य अनुभूति देनेवाले एवं ब्रह्मानंद में निमग्न रहनेवाले सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी
सच्चिदानंद परब्रह्म गुरुदेवजी द्वारा ३० वर्ष पूर्व दिए गए आशीर्वचन को साधक क्षण-क्षण अनुभव कर रहे हैं !
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी एकमेवाद्वितीय एवं अवतारी पुरुष क्यों हैं ?