समितियों की स्थापना के विरोध में याचिका गलत होने का न्यायालय का स्पष्टीकरण
नई देहली – उच्चतम न्यायालय ने समान नागरिक संहिता की समीक्षा के लिए उत्तराखंड और गुजरात राज्यों द्वारा गठित समितियों के गठन की अनुमति दे दी है। न्यायालय में एक याचिका द्वारा इन समितियों की स्थापना को चुनौती दी गई थी । न्यायालय ने इस याचिका पर सुनवाई करने से मना कर दिया । न्यायालय ने निर्णय देते हुए कहा कि इन समितियों का गठन सरकार के अधिकार में होना चाहिए ।
मुख्य न्यायाधीश धनंजय चंद्रचूड और न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा की खंडपीठ ने कहा, ‘संविधान के अनुच्छेद १६२ के अंतर्गत इन समितियों की स्थापना की गई है । इसमें गलत क्या है ? आप याचिका वापस लेंगे कि हम उसे नकार दें ? किसी भी समिति की स्थापना के विषय में ‘यह संविधान के विरोध में है’ ऐसा कहकर याचिका प्रविष्ट नहीं की जा सकती ।’ इसके उपरांत याचिकाकर्ता ने याचिका वापस ली ।

अमेरिका में भारत-विरोधी खालिस्तानियों के विरुद्ध कार्यवाही करना अपराध माना जाएगा ।
Rajasthan 1996 Bomb Blast : राजस्थान में वर्ष १९९६ में हुए बम विस्फोट के मामले का निर्णय सर्वोच्च न्यायालय ने निरस्त किया !
Amroha Conversion : अमरोहा (उत्तरप्रदेश) में नाम बदलकर अस्पताल चलाने वाले मुसलमान द्वारा हिन्दू परिचारिका का धर्मान्तरण ।
Stray Dogs Attack : आवारा कुत्ते के आक्रमण में घायल हुई बच्ची को १ लाख रुपये का अनुदान (मुआवजा) देने का आदेश
Somalians Life Imprisonment : नौका को हडपकर अपहृत कर्मियों को बंधक बनाने वाले सोमालिया के ४४ नागरिकों को आजीवन कारावास का दंड !
Delhi Congress Protest : प्रधानमंत्री मोदी के आवास के सामने कांग्रेस का आंदोलन ।