हत्या ३१ वर्ष पूर्व हुई थी !

नई दिल्ली : माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की हत्या के प्रकरण में कारागृह में बंद सभी छह दोषियों को मुक्त करने का आदेश दिया है । न्यायालय ने आदेश में कहा कि यदि इन दोषियों के विरुद्ध कोई अन्य प्रकरण नहीं है तो इन्हें मुक्त किया जाए । इन ६ दोषियों के नाम नलिनी, रविचंद्रन, मुरुगन, संथन, जयकुमार और रॉबर्ट पायस हैं ।
SC's decision to free remaining killers of former PM Rajiv Gandhi is unacceptable & completely erroneous. Congress criticises it & finds it wholly untenable. Unfortunate that SC not acted in consonance with spirit of India:Jairam Ramesh, Gen Secy in-charge Communications,Congress https://t.co/17IvZtN8dm pic.twitter.com/R1JrX0LAqY
— ANI (@ANI) November 11, 2022
१. २१ मई, १९९१ को तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में एक प्रचार सभा के समय एक आत्मघाती आक्रमण में गांधी की हत्या कर दी गई थी ।
२. इस प्रकरण में पेरारीवलन समेत ७ लोगों को दोषी ठहराया गया था। पेरारिवलन को टाडा न्यायालय एवं सर्वोच्च न्यायालय ने मृत्युदंड दिया था ।
३. पेरारीवलन के मृत्युदंड को इस आधार पर आजन्म कारावास में बदल दिया गया कि दया याचिका पर निर्णय में देरी हुई ।
४. अब सर्वोच्च न्यायालय के आदेश से राजीव गांधी हत्याकांड के दोषियों को मुक्त किया जाएगा । पेरारीवलन पूर्व में ही इस प्रकरण में से मुक्त हो चुका है।
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