तुलजापुर (सोलापुर जिला) – साढ़े तीन शक्तिपीठों में से एक और महाराष्ट्र की कुलदेवी श्री तुलजा भवानी मंदिर के मुख्य सभागृह की छत और शिखर के निचले भाग में दरार आ गई है । यह तब पता चला जब गुफा से ग्रेनाइट हटाया गया । इस संबंध में जिला कलेक्टर डॉ. सचिन ओमबासे ने निरीक्षण के बाद, मंदिर के पत्थरों और स्तंभों का ‘संरचनात्मक ऑडिट’ (भवन की स्थिति का आकलन करने और संभावित समस्याओं की पहचान करने के लिए गहन निरीक्षण) कराने का सुझाव दिया । इस अवसर पर पुरातत्व विभाग की सहायक निदेशक जया वाहने और वास्तुकार तेजस्विनी अफले उपस्थित थीं ।
चट्टानों में ये दरारें कितनी दूर तक हैं ? और कितनी चट्टानों में दरारें हैं ? इसका निरीक्षण करने के लिए पुरातत्व विभाग के विशेषज्ञों को बुलाया जाएगा । वर्तमान में पुरातत्व विभाग के मार्गदर्शन में मंदिर में विकास का कार्य चल रहा है । पुरातत्व विभाग यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है कि जिन स्थानों पर पत्थर का निर्माण है, वे उसी स्थिति में रहें ।
संपादकीय भूमिकायदि भक्तों की एक मंदिर समिति होती तो समस्या उत्पन्न होने से पहले ही समाधान हो जाता । मंदिरों में ऐसी चीजें होती हैं, यह मंदिरों के सरकारीकरण के दुष्परिणाम हैं ! |

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