
नई देहली – देहली के वसंतकुंज परिसर के मसूदपुर गांव स्थित १०० वर्ष पुरानी श्मशानभूमि को किशनगढ में स्थानांतरित करने के देहली उच्च न्यायालय के आदेश को उच्चतम न्यायालय ने निरस्त किया । साथ ही दक्षिण देहली महानगरपालिका की इस श्मशानभूमि को एक वर्ष के अंदर विद्युत श्मशानभूमि में परिवर्तित करने का आदेश दिया । ‘यदि प्रत्येक निवासी संघ द्वारा श्मशानभूमि का स्थान परिवर्तित करने का प्रयास करे, तो शहर में एक भी श्मशानभूमि शेष नहीं रहेगी’, ऐसा उच्चतम न्यायालय ने कहा है ।
Supreme Court stops shifting of Masoodpur crematorium near Vasant Kunj https://t.co/3zYdzB8MYd
— TOI India (@TOIIndiaNews) October 22, 2022
१. ‘वसंतकुंज परिसर की श्मशानभूमि ‘देहली महानगरपालिका कानून, १९५७’ लागू होने के पहले से अस्तित्व में थी, तो वसंतकुंज निवासी कालोनी वर्ष १९९० में अस्तित्व में आई’, ऐसा न्यायमूर्ति एम.आर. शहा और न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश की खंडपीठ ने निरस्तीकरण का आदेश देते समय बताया ।
२. वसंतकुंज निवासी कल्याण संगठन की ओर से प्रविष्ट की गई याचिका पर सुनवाई के उपरांत यह निर्णय दिया गया ।
३. वसंतकुंज निवासी कल्याण संगठन का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता करण सिंह भाटी ने ऐसा युक्तिवाद किया कि ‘‘श्मशानभूमि वसंतकुंज निवासी कॉलोनी के समीप है’। अधिवक्ता सहगल द्वारा किए युक्तिवाद को उच्चतम न्यायालय ने स्वीकृति दी ।
Dabur : ‘डाबर’ प्रतिष्ठान के पैकेटबंद मौसमी जूस में काला फफूंद मिला ।
Karnataka AI University : बेंगलुरु में देश का पहला सरकारी ‘एआई’ विश्वविद्यालय प्रारम्भ किया जाएगा ।
हिन्दु विवाह अधिनियम के अनुसार विवाह को वैध ठहराने के लिए केवल विवाह प्रमाणपत्र होना पर्याप्त नहीं है ।– Gujrat High Court
जम्मू न्यायालय ने पुलिस से अभिलेख की मांग की ।
हडपसर में हिन्दुत्वनिष्ठ कार्यकर्ता की साहिल शेख एवं उसके गुंडों द्वारा नृशंसता से पिटाई !
Three Language Policy : क्या अंग्रेजी को भारत की ही स्थानीय भाषा माना जा सकता है – सर्वोच्च न्यायालय का प्रश्न