
मुंबई – हिन्दी चलचित्र सृष्टि के कलाकार आजकल गुटका विक्रय कर रहे हैं । उन्हें रिक्त समय मिलने पर वे कुछ हास्य अथवा अन्य विषयों पर चलचित्र बनाते हैं । ५-६ चलचित्र विफल होने पर भी उन पर कोई परिणाम नहीं होता । यह स्थिति वास्तव में दयनीय है । चलचित्र सृष्टि को स्वयं के विषय में चिंतन करने की आवश्यकता है, अन्यथा जिन्होंने उन्हें बडा किया, वे ही उन्हें डुबो देंगे । चलचित्र निर्देशक प्रकाश झा ने ऐसा कहा ।
बॉलीवुड स्टार्स पर फिर बरसे प्रकाश झा, बोले- गुटखा बेचते हैं और फुर्सत मिलते ही रीमेक बना देते हैं https://t.co/CWIi0yDjG9 via @NavbharatTimes #PrakashJha #mattokisaikiltrailer
— NBT Entertainment (@NBTEnt) September 13, 2022
प्रकाश झा ने आगे कहा, ‘मजे की बात यह कि बडे कलाकारों के कारण किसी भी चलचित्र में सफलता मिलेगी, चलचित्र के निर्माता तथा निर्देशकों को ऐसा प्रतीत होता है; परंतु प्रेक्षकों को अच्छी कथा, उन्हें भयभीत करनेवाली समस्याएं बतानेवाली कथा देखना अच्छा प्रतीत होता है । पिछले ६ माह से जिस प्रकार के चलचित्र आ रहे हैं तथा प्रेक्षक उसका बहिष्कार कर रहे हैं, उससे ऐसा ही प्रतीत होता है । वास्तव में अच्छे चलचित्रों का दायित्व चलचित्र निर्माता, लेखक तथा जिस माध्यम से लोग चलचित्र देखते हैं उन पर है । वर्तमान में यह चलचित्र सृृष्टि भूमि पर, आकाश में अथवा मध्य में कहीं तो लटकी हुई है, ऐसा प्रतीत होता है ।
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