वस्त्रालंकार पूजा के लिए भक्त को १४ वर्ष करनी पडी प्रतिक्षा !
तिरुपती (आंध्रप्रदेश) – एक भक्त को विशेष पूजा के लिए १४ वर्ष प्रतिक्षा करने लगाने के प्रकरण में ग्राहक न्यायालय ने उस भक्त को ५० लाख रुपए हानिभरपाई देने का आदेश तिरुमला तिरुपती देवस्थान को दिया है । साथ ही ‘इस भक्त को वस्त्रालंकार सेवा के लिए एक वर्ष के भीतर नई दिनांक दी जाए’, ऐसा भी न्यायालय ने निर्देश में कहा है । तिरुमला तिरुपती देवस्थान के विरोध में ग्राहक न्यायालय में परिवाद प्रविष्ट होने का यह प्रथम प्रकरण है । के.आर.हरि भास्कर इस प्रकरण के परिवाद करनेवाले भक्त हैं ।
Tirupati told to pay devotee Rs 50 lakh for 14-year wait https://t.co/FAzv139myw
— TOI Vijaywada (@TOIVijaywada) September 4, 2022
१. भास्कर ने वर्ष २००६ में १२ सहस्र २५० रूपए भरकर वस्त्रालंकार पूजा के लिए नाम प्रविष्ट किया था । यह राशि अब ब्याज के साथ लौटाने का न्यायालय ने आदेश दिया है ।
२. कोरोना महामारी के समय में मार्च २०२० से तिरुमला तिरुपती मंदिर ८० दिनों तक दर्शन के लिए बंद रखा गया था । इस कारण मंदिर में होनेवाली वस्त्रालंकार एवं अन्य सेवाएं भी रोक दी गई थी । इस समय देवस्थान ने भास्कर से पूछा था, ‘नया दिनांक चाहिए या पैसा वापस चाहिए’ ? भास्कर ने नए दिनांक की मांग की थी । तत्पश्चात वह संभव नहीं है, देवस्थान द्वारा ऐसा सूचित न करने पर भास्कर ने ग्राहक न्यायालय में देवस्थान समिति के विरोध में परिवाद किया था ।
संपादकीय भूमिकामंदिरों का सरकारीकरण होने पर ऐसा ही होगा ! |

Bhangar Blast : बंगाल के भांगर बम विस्फोट की घटना में तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक शौकत मोल्ला को बंदी बनाया ।
Andaman Natural Gas : अंडमान ‘शैलो ऑफशोर ब्लॉक’ में मिला प्राकृतिक गैस का दूसरा विशाल भंडार
Mumbai Hub Of Bangladeshi Infiltrators : मुंबई बन गया है बांग्लादेशी घुसपैठियों का केंद्र – १ सहस्र ५०० से अधिक स्थानों पर घुसपैठियों के अड्डे
नेरूळ (नई मुंबई) के चिकित्सालय के छात्रावास में स्थित हिन्दुओं की मूर्तियां धर्मांध ईसाई युवती ने फेंक दीं
CJI In London: लंदन में भारत के मुख्य न्यायाधीश के कार्यक्रम में हलचल : भारतीय उच्चायोग अत्यंत अप्रसन्न
पंढरपूर स्थित श्री विठ्ठल मूर्ति पर रासायनिक लेपन करने का वारकरी संप्रदाय द्वारा तीव्र विरोध : रासायनिक लेपन के कारण मूर्ति की क्षति !