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उधमपुर (जम्मू-कश्मीर) – “जो लोगों का धर्मांतरण कर रहे हैं, वे तलवार से अथवा भय दिखाकर धर्मांतरण नहीं कर रहे हैं । किसी का अच्छा कर्म एवं उस धर्म के व्यक्ति का चरित्र दूसरों को धर्म परिवर्तन करने के लिए प्रेरित करता है ।” कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता एवं जम्मू-कश्मीर के भूतपूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने उधमपुर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह वक्तव्य दिया है कि, “लोग बिना किसी भेदभाव के, मानवता की सेवा के लिए, एक विशेष धर्म में परिवर्तित हो जाते हैं ।” वे कर्नाटक में पारित धर्मांतरण विरोधी विधेयक की बात कर रहे थे ।
Ghulam Nabi Azad waters down forced religious conversions, claims no one is forcing people to convert https://t.co/9Du3WR2Cl7
— OpIndia.com (@OpIndia_com) December 26, 2021
इस विधेयक का विपक्ष के सदस्यों ने विरोध किया था । विधेयक में कहा गया है कि, ‘किसी भी व्यक्ति ने असत्य वर्णन, बल, अत्यधिक दबाव, प्रलोभन अथवा अन्य किसी भी छलावे के माध्यम से, विवाह द्वारा अथवा अन्य किसी भी मार्ग द्वारा, किसी का एक धर्म से दूसरे धर्म में धर्मांतरण अथवा धर्मांतरण करने का प्रयास नहीं करना चाहिए एवं कोई भी षड्यंत्र नहीं करना चाहिए ।’ इससे पूर्व, गुजरात विधानसभा ने बहुमत से ‘गुजरात धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, २०२१’ पारित किया था । इसमें, विवाह के माध्यम से बलपूर्वक धर्मांतरण करने वालों के लिए कठोर दंड का प्रावधान किया गया है । उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश राज्यों ने भी इसी प्रकार के कानून पारित किए हैं ।
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