महाराष्ट्र की स्वास्थ्य सहायता समिति का विभिन्न जिलों में धर्मार्थ आयुक्तों को निवेदन !

मुंबई – धर्मार्थ आयुक्त ने राज्य के धर्मार्थ चिकित्सालयों को उनके नाम के आगे ‘धर्मार्थ’ या ‘चैरिटेबल’ शब्द का स्पष्ट उल्लेख करने का निर्देश दिया है । जब स्वास्थ्य सहायता समिति के सदस्यों ने महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों में धर्मार्थ चिकित्सालयों का दौरा किया, तब यह देखा गया कि, कुछ चिकित्सालयों ने उपरोक्त आदेश का पालन नहीं किया है । धर्मार्थ चिकित्सालयों के मुख्य पटल पर ‘धर्मार्थ’ का उल्लेख किया जाना चाहिए तथा दरिद्र एवं जरूरतमंद रोगियों के लिए जो योजनाएं हैं, उनको पटल के दृश्य भाग में स्पष्ट प्रदर्शित किया जाना चाहिए । ऐसा निवेदन मुंबई, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, सांगली, कोल्हापूर, सोलापूर, सातारा, नाशिक, जळगाव, नगर एवं नांदेड जिलों के धर्मार्थ आयुक्तों को दिया गया है ।
धर्मार्थ आयुक्तों को दिए गए निवेदन में कहा गया है कि,
१. यह भी देखा गया है, कि कुछ धर्मार्थ चिकित्सालयों में दरिद्र और जरूरतमंद रोगियों के लिए सरकार द्वारा समय-समय पर लागू की गई विभिन्न योजनाओं के विषय में सूचित करने वाले सूचना पटल भी नहीं लगाए गए हैं (धर्मार्थ चिकित्सालयों में दरिद्र रोगियों के लिए आरक्षित बिस्तरों की संख्या, रियायती दरों पर उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधा आदि की जानकारी दी जानी चाहिए) ।
२. जिले के सभी धर्मार्थ चिकित्सालयों के नाम या नाम के आगे ‘धर्मार्थ’ या ‘चैरिटेबल’ का उल्लेख त्वरित किया जाना चाहिए और बॉम्बे पब्लिक ट्रस्ट की धारा ४१ ‘ए’ और ४१ ‘डी’ के तहत, इसकी सूचना कार्यालय को भेजने के आदेश दिए जाने चाहिए ।
३. यह चिकित्सालय एक धर्मार्थ चिकित्सालय है और सरकार द्वारा समय-समय पर घोषित की जाने वाली स्वास्थ्य योजनाएं चिकित्सालय में रियायती दर पर उपलब्ध हैं, यह प्रकाशित करने के आदेश आयुक्त कार्यालय को निर्गमित करने चाहिए ।
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