विपक्षी भाजपा द्वारा सभात्याग करते हुए विरोध !
एक ओर, जहां देश में बाल विवाह पर प्रतिबंध है, वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस इस प्रकार का विधेयक पारित कर, मतों के लिए कानून को लपेट कर रखने का ही प्रयास कर रही है । लोगों को ही अब ऐसे कानूनों के विरुद्ध आवाज उठानी चाहिए !- संपादक

जयपुर (राजस्थान) – कांग्रेस सरकार ने राजस्थान विधानसभा में बाल विवाह पंजीकरण विधेयक पारित कर लिया है । इससे, राज्य में बाल विवाह की जानकारी विवाह के ३० दिनों की समय सीमा में प्रशासन को देनी होगी । भाजपा ने सभात्याग (वाक आउट )करते हुए विधेयक का विरोध किया । भाजपा ने कहा है, कि इस विधेयक के कारण बाल विवाह को कानूनी मान्यता प्राप्त हो सकती है ।
कांग्रेस सरकार में संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने कहा, कि विधेयक केवल बाल विवाह के पंजीकरण की अनुमति देता है ; परंतु, इसमें कहीं भी यह नहीं कहा गया है, कि बाल विवाह को वैध किया जाएगा । (यदि ऐसा है, तो पंजीकरण क्यों कराया जा रहा है ? जो भी बाल विवाह कर रहा है, उसके साथ कानून के अनुसार कार्यवाही की जानी चाहिए ! – संपादक) बाल विवाह हुआ हो, तो जिलाधीश एवं संबंधित अधिकारी संबंधित परिवार के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही कर सकते हैं । (यदि ऐसी कार्यवाही हो सकती है, तो प्रशासन के पास स्वयं पंजीयन कराने कौन जाएगा ? – संपादक)
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