
द्वारका (गुजरात) – धर्मसत्ता एवं राजसत्ता एक साथ चलते हैं । स्वतंत्रता के पश्चात राजसत्ता की स्थापना हुई ; परंतु, धर्मसत्ता स्थापित नहीं हो सकी । गुजरात के भूतपूर्व आईपीएस अधिकारी डी जी वंजारा ने कहा, कि अब उसी धर्मसत्ता की स्थापना करने के लिए देश के साधु एवं संत संगठित हो रहे हैं । वे यहां आयोजित हिन्दू धर्मसभा में बोल रहे थे । इस बैठक का आयोजन वंजारा ने ही सनातन सेवा मंडल के माध्यम से किया था । वंजारा लगातार गुजरात के साधु एवं संतों से मिल रहे हैं । उन्हें संगठित करने का प्रयास कर रहे हैं । गुजरात में आगामी वर्ष विधानसभा के चुनाव होंगे ।
डी जी वंजारा ने मार्गदर्शन में आगे कहा, कि गुजरात के साथ-साथ संपूर्ण देश में धर्मसत्ता की स्थापना होनी चाहिए । राजसत्ता के साथ-साथ धर्मतंत्र होने की राष्ट्रीय परंपरा बनी हुई है । गत वर्ष से देश में धर्मसत्ता स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है । यदि धर्मसत्ता स्थापित हो जाती है, तो यह देश, साथ ही हिन्दू एवं अन्य धार्मिक लोग अपनी समस्याओं से मुक्त हो जाएंगे ।
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