टीपू सुल्तान का चित्र लगाए जाने की मांग ! |
राष्ट्र प्रेमी हिन्दुओं को राष्ट्र विद्रोही पार्टी पर प्रतिबंध लगाए जाने की मांग करनी चाहिए ! – संपादक

मंगलुरू (कर्नाटक) – दक्षिण कन्नड जिले के पुत्तुरू तहसील की कबल ग्राम पंचायत ने १५ अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में ‘स्वतंत्रता रथ’ के नाम से वाहन तैयार किया था । इस रथ पर लगाए गए बैनर पर महा. गांधी, नेताजी बोस, तिलक के साथ स्वातंत्र्यवीर सावरकर का चित्र भी था । सावरकर का चित्र होने के कारण सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एस.डी.पी.आई.) इस राजनीतिक पार्टी के कार्यकर्ताओं ने रथ रोककर बैनर फाड़ने का प्रयास किया । इस समय ग्राम पंचायत अध्यक्ष विनय कुमार कल्लेग और अन्य सदस्यों ने उन्हें रोकने का प्रयास करते समय धक्का मुक्की हुई । ग्राम पंचायत के अधिकारियों ने आंदोलन करने वालों को शांत करने का प्रयास किया । उनका ना सुनते हुए कार्यकर्ताओं ने स्वातंत्र्यवीर सावरकर का चित्र फाड़कर वहां टीपू सुल्तान का चित्र लगाने की मांग की । साथ ही उन्होंने स्वातंत्र्यवीर सावरकर और ग्राम पंचायत के विरोध में नारेबाजी की । पुत्तुरू पुलिस थाने के निरीक्षक गोपाल नाइक के नेतृत्व में पुलिस ने इन कार्यकर्ताओं को खदेड़ दिया । बाद में पुलिस संरक्षण में स्वतंत्रता रथ का जुलूस गांव में ही निकाला गया । स्वतंत्रता रथ को रोककर विरोध करने वाले एस.डी.पी.आई.के ३ कार्यकर्ताओं को पुलिस हिरासत में लिया गया है । के. अजीज, शमीर और अब्दुल रहमान ,ये तीनो के नाम हैं ।
इस घटना के बाद पुत्तुरू के भाजपा विधायक संजीव मठदुरू ने पंचायत जाकर ग्राम पंचायत अध्यक्ष, साथ ही उपस्थित लोगों ने घटना के विषय में जानकारी प्राप्त की । इस समय मीडिया ने उन्हें बताया कि, स्वतंत्रता रथ का विरोध करने वाले कुछ युवाओं ने कासरगोडू और भटकल की धर्मांध संगठनों के भड़काए जाने पर यह राष्ट्र विरोधी काम किया है ।
यदि कोई राष्ट्र तथा समाज के लिए भयावह बन जाए , तो अहिंसा नहीं, हिंसा आवश्यक हो जाती है – Yogi Adityanath
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वीर सावरकर के वचन
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