विज्ञानवादी कब स्वीकार करेंगे कि विज्ञान द्वारा की गई कथित प्रगति ने पृथ्वी के वायुमंडल में विनाशकारी परिवर्तन किए हैं? – संपादक

नई दिल्ली – जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र अंतर सरकारी पैनल (आई.पी.सी.सी.) का ६ वां प्रतिवेदन ‘जलवायु परिवर्तन २०२१ – भौतिक विज्ञान आधार’ प्रकाशित कर दिया गया है। इसमें चेतावनी दी गर्इ है कि हिंद महासागर के बढते तापमान के कारण समुद्र का जलस्तर बढेगा और निचले तटीय क्षेत्रों में बार-बार अचानक बाढ स्थिति निर्माण हाेगी ।
#IPCCReport | The #IndianOcean, which includes the Arabian Sea and Bay of Bengal, has warmed faster than other oceans. #UnitedNationshttps://t.co/qwZO2rxU1f
— CNBC-TV18 (@CNBCTV18News) August 10, 2021
पृथ्वीका तापमान बढने (ग्लोबल वार्मिंग) के प्रभावाें के संदर्भ में ब्याेरा प्रकाशित किया गया । इसमें कहा गया है कि अगले कुछ दशकों में समुद्र का जलस्तर बढना, बार-बार बाढ आना, गर्मी की लहरें, कुछ क्षेत्रों में मूसलाधार वर्षा और आसपास के क्षेत्रों में भयंकर सूखे की स्थिति निर्माण हाेना जैसी घटनाआें में वृद्धि होगी ।
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