यह स्पष्ट है कि केरल की साम्यवादी गठबंधन सरकार मुसलमानों को लुभाने के लिए कोरोना नियमों में ढील देकर सामान्य जनता के जीवन से खेल रही है । कुंभ मेले में हिन्दुऒं के बड़ी संख्या में सहभागी होने पर आलोचना करनेवाले देश की कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस, समाजवादी दल आदि राजनीतिक दल एवं अन्य धर्मनिरपेक्ष और आधुनिकतावादी संगठन केरल सरकार के निर्णय के विरुद्ध अब मौन क्यों हैं, यह उन्हें बताना चाहिए ।

नई देहली – केरल में साम्यवादी गठबंधन सरकार ने बकरीद के लिए कोरोना के नियमों में ढील दी है । इसे चुनौती देते हुए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका प्रविष्ट की है । सर्वोच्च न्यायालय ने सरकार को इस निर्णय परउत्तर देने का सरकार को आदेश दिया है । प्रकरण की सुनवाई कल २० जुलाई को होगी । न्यायालय ने सरकार के निर्णय पर कोई टिप्पणी नहीं की है। आई.एम.ए. ने कहा, ‘यदि राज्य सरकार बकरी ईद के समय कोरोना की स्थिति को देखते हुए नियमों में ढील देती है तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। केरल सरकार ने बकरीद के अवसर पर अधिकतम ४० लोगों को एक स्थान पर एकत्रित होने की अनुमति दी है, किन्तु इन ४० लोगों को टीके का कम से कम एक डोस लेना अनिवार्य है।
KERALA RELAXES CURBS FOR EID DESPITE COVID SPIKE
Let’s not give it a communal colour to it, any large religious congregation in these times of crisis will create havoc, and the #SupremeCourt intervened at the right time says Dr Ranjan Sharma, IMA to @saharzaman pic.twitter.com/BgeiMVZWqm
— Mirror Now (@MirrorNow) July 19, 2021
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