
नई देहली – विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यू.एच.ओ.) ने अपने ब्योरे में कहा है कि दीर्घकाल तक कार्यरत रहनेवालों को हृदयविकार आैर स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों की प्रबल आशंका होती है। ‘एनवायरनमेंट इंटरनेशनल जर्नल’ में प्रकाशित विश्व स्वास्थ्य संगठन और अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के एक अध्ययन के अनुसार, लंबे समय तक कार्य करने के फलस्वरूप २०१६ में ७,४५,००० लोगों की मस्तिष्काघात एवं हृदयविकार से मृत्यु हुई।
१. अध्ययन के अनुसार २०१६ में सप्ताह में कम से कम ५५ घंटे कार्य करने के कारण ३ लाख ९८ हजार लोगों की मृत्यु मस्तिष्काघात से और ३ लाख ४७ हजार लोगों की मृत्यु हृदयाघात से हुई है ।
२. इस विवरण के अनुसार दीर्घकाल कार्य करने से पुरुष सर्वाधिक प्रभावित होते हैं । इसी प्रकार ४५ से ७४वर्ष की आयु के पुरुष जिन्होंने सप्ताह में ५५ घंटे से अधिक काम किया, उनकी मृत्यु दर ७२ प्रतिशत थी ।
India Nuclear Weapon : भारत के पास अनुमान से बहुत अधिक परमाणु हथियार हो सकते हैं – पाकिस्तान
ATM Cash Crisis : ए.टी.एम. में नकदी आपूर्ति की समस्या पर केंद्र सरकार ने लिया गंभीर संज्ञान , बैंकों से रिपोर्ट मांगी ।
भारत के शस्त्रों द्वारा यूरोप पर कभी भी आक्रमण नहीं हुआ; परंतु यूरोप ऐसे देशों को शस्त्र बेचता है, जिनके द्वारा भारत पर आक्रमण होते हैं ! : External Affairs Minister Jaishankar
सामाजिक माध्यमों का उपयोग न्यायाधीशों की छवि खराब (बदनाम) करने के लिए नहीं किया जा सकेगा – Delhi High Court
#Boycott_Amazon : हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा ‘अमेजान इंडिया’ को कानूनी सूचना !
(और इनकी सुनिए…) ‘बांग्लादेश की संप्रभुता की रक्षा के लिए समझौता नहीं करेंगे !’ – Jamaat-e-Islami