पणजी (गोवा) – सहकारी युवती पर यौन उत्पीडन के मामले में तहलका के संस्थापक तथा पूर्व संपादक पत्रकार तरुण तेजपाल को म्हापसा के सत्र न्यायालय ने २१ मई के दिन निर्दोष मुक्त किया ।
वर्ष २०१३ में बांबोली के एक स्टार होटेल में आयोजित महोत्सव के समय सहकारी महिला का बलात्कार करने के आरोप में तेजपाल को ३० नवंबर २०१३ के दिन हिरासत में लिया गया था । बाद में मई २०१४ में उनको जमानत पर छोड दिया गया । इस मामले में आपराधिक जांच विभाग ने तेजपाल के विरोध में १७ फरवरी २०१४ के न्यायालय में ३ सहस्र पृष्ठों का आरोप पत्र प्रविष्ट किया था । २८ सितंबर को उनके ऊपर आरोप तय होने पर १५ मार्च २०१८ के दिन प्रत्यक्ष सुनवाई चालू हुई । पुलिस ने जनवरी २०२१ में तेजपाल के विरोध में १६१ पृष्ठों के सप्लीमेंट्री आरोप पत्र प्रविष्ट किए । इस मुकदमें में विशेष सरकारी अधिवक्ता फ्रांसिस्को तावेरो के साथ सहायक अधिवक्ता सिंडिंयाना सिल्वा ने शासकीय पक्ष रखा ।
कोंकण क्षेत्र की देवराई भूमियों को ‘सरकार जमा’ करने की कार्यवाही की जांच कीजिए – राजस्वमंत्री ने उपसचिव को दिया निर्देश
शनिशिंगणापुर स्थित श्री शनिदेव की मूर्ति के संवर्धन हेतु वज्रलेपन किया जाएगा ।
Tuljabhavani Temple : श्री तुलजाभवानी देवी की ४ सहस्र एकड भूमि के घोटाले की सघन जांच करें !
(और इनकी सुनिए…) ‘ वर्तमान काल में वैकुंठगमन इत्यादि कहना मुझे स्वीकार्य नहीं है, यह विशिष्ट वर्ग द्वारा थोपी गई बातें हैं । ’- Sharad Pawar
आलंदी (जिला पुणे) बसस्थानक में प्लैटफॉर्म के नाम के फलक गायब
छोटे बच्चों को गोमांस देने का परामर्श का प्रकरण !