अपनी विदेश नीति हम स्वत: तय करते हैं !
छोटा बांगलादेश चीन को कठोरता से उत्तर देता है, यह प्रशंसा करने योग्य है ! भारत ने बांगलादेश से सीखने के साथ उसे चीन के विरोध में खडे रहने के लिए सहायता करनी चाहिए !
ढाका (बांगलादेश) – अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और भारत इन देशों के ‘क्वॉड’ समूह में सहभागी होने पर धमकी देने वाले चीन को बांगलादेश ने सुनाया है । ‘बांगलादेश के ‘क्वॉड’ में (‘क्वाडिलेट्रल सिक्योरिटी डायलॉग’ में) सहभागी होने पर द्विपक्षीय संबंध खराब होंगे’, ऐसी धमकी चीन के राजदूत ली जिमिंग की ओर से दी गई थी । उसपर ‘बांगलादेश एक अलिप्त और संतुलित विदेश नीति रखने वाला देश है । हम स्वतंत्र और सार्वभौम देश होकर हमारी विदेश नीति हम स्वत: तय करते हैं’, ऐसे शब्दों में बांगलादेश के विदेश मंत्री डॉ.ए.के. अब्दुल मोमन ने चीन को सुनाया है । हिंद महासागर और प्रशांत महासागर क्षेत्र में परस्पर सहकार्य बढाने के लिए ‘क्वॉड’ समूह स्थापित किया गया है ।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने इस विषय में कहा कि, अमेरिका और बांगलादेश के घनिष्ठ संबंध हैं । हमने चीन के राजदूत का विधान ध्यान में रखा है । हम बांगलादेश की विदेश नीति और निर्णय लेने के अधिकार का सम्मान करते हैं ।
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(और इनकी सुनिए…) ‘ वर्तमान काल में वैकुंठगमन इत्यादि कहना मुझे स्वीकार्य नहीं है, यह विशिष्ट वर्ग द्वारा थोपी गई बातें हैं । ’- Sharad Pawar
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