घातक रॉकेट लांचर और अन्य हथियार तैनात !
चीन के साथ यदि पुन: संघर्ष होता है, तो इस बार भारत को रक्षात्मक रुख नहीं अपनाना चाहिए, अपितु चीन पर प्रतिआक्रमण करके उसे पराजित करने के सर्वांगीण प्रयत्न करने चाहिए !
बीजिंग (चीन) – भारत में जैसे ही कोरोना की दूसरी लहर का प्रकोप हुआ है, वैसे ही चीन पूर्वी लद्दाख की सीमा पर युद्ध की तैयारी करता दिखाई दे रहा है । चीन ने तिब्बत में भारतीय सीमा के पास अत्याधुनिक पी.एच.एल -३ रॉकेट लांचर तैनात किए हैं । चीन के सरकारी सीसीटीवी ने इस संबंध में वृत्त दिया है । इन रॉकेट लांचर को भारतीय सीमा पर तैनात “शिनजियांग कमांड” को सौंप दिया गया है । सीसीटीवी के अनुसार, इन रॉकेटों को ट्रक द्वारा ले जाया जा सकता है । इसके अलावा वे पूरी तरह से कंप्यूटर संचालित हैं । वे एक साथ कई स्थानों को लक्ष्य कर सकते हैं ।
१. “साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’’ के अनुसार, रॉकेट लांचर लद्दाख सीमा पर ५,२०० मीटर की ऊंचाई पर तैनात किए गए हैं । यह वह क्षेत्र है, जहां पिछले वर्ष गलवान संघर्ष हुआ था ।
२. इन रॉकेट लांचर को शीघ्र गति से तैनात किया जा सकता है । ये रॉकेट लांचर चीनी सैनिकों को तिब्बती पठार, रेगिस्तान और हर मौसम में लडने की क्षमता प्रदान करते हैं । रॉकेट की क्षमता ६० किमी प्रति घंटे की गति से १३० किमी तक मार करने की है ।
३. इसके अलावा, चीन ने लद्दाख में १५ हल्के टैंक, १८१ तोपें और पर्वत श्रृंखलाओं के बीच उडने वाले ड्रोन तैनात किए हैं ।
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