बंगाल में ४२० प्रतिशत की वृद्धि, तो असम में ५३२ प्रतिशत की वृद्धि !
अब इसके लिए किसे दोषी ठहराया जाए ?

नई दिल्ली : यदि हम पिछले १५ दिनों के आंकडे देखें, तो हम उन ५ राज्यों में, जहां विधानसभा चुनाव हो रहे हैं, कोरोना का विस्फोट देख सकते हैं । १ से १४ अप्रैल के बीच असम में कोरोना के संक्रमण में ५३२ प्रतिशत, बंगाल में ४२० प्रतिशत, तमिलनाडु में १५९ प्रतिशत, पुद्दुचेरी में १६५ प्रतिशत और केरल में १०३ प्रतिशत की वृद्धि हुई है । इन राज्यों में कोरोना मृतों में ४५ प्रतिशत की वृद्धि हुई है । बंगाल में चार चरण के मतदान होने अभी बाकी हैं, इसलिए यह आशंका है कि कुछ दिनों में संख्या अधिक बढ जाएगी ।
१. देश के अन्य राज्यों की तुलना में, असम में १६ मार्च से ३१ मार्च के बीच केवल ५३७ नए कोरोना मामले सामने आए, जबकि कोरोना के कारण केवल छह लोगों की मृत्यु हुई ; हालांकि १ अप्रैल और १४ अप्रैल के बीच, ३३९८ लोग कोरोना से संक्रमित हुए और १५ की कोरोना के कारण मृत्यु हो गई ।
२. बंगाल में १६ मार्च से ३१ मार्च के बीच ८,००० कोरोना मामले दर्ज किए गए, जबकि ३२ लोगों की मृत्यु कोरोना के कारण हुई ; हालांकि, १ अप्रैल और १४ अप्रैल के बीच, ४१,९२७ नए कोरोना रोगी बंगाल में पाए गए, जबकि १२७ की मृत्यु हो गई ।
३. पुद्दुचेरी में नवंबर से फरवरी तक प्रतिदिन केवल ५० नए रोगियों का पंजीकरण किया जा रहा था । १६ मार्च से ३१ मार्च के बीच १४,०० नए रोगी पाए गए, जबकि ९ की मृत्यु हो गई । १ अप्रैल से १४ अप्रैल के बीच ३७२१ कोरोना मामले सामने आए, जबकि १५ लोगों की मृत्यु कोरोना के कारण हुई ।
४. तमिलनाडु में १६,००० कोरोना के मामले १६ मार्च से ३१ मार्च के बीच पंजीकृत किए गए, जबकि १६३ लोगों की मृत्यु कोरोना के कारण हुई । १ अप्रैल और १४ अप्रैल के बीच, कोरोना पीडितों की संख्या ६५,००० तक पहुंच गई, जिसमें कोरोना के कारण २३२ लोगों की मृत्यु हो गई ।
५. केरल में १६ मार्च से ३१ मार्च के बीच, ३०,३९० नए कोरोना मामले दर्ज किए गए और १९९ की मृत्यु हो गई ; यद्यपि, १ अप्रैल और १४ अप्रैल के बीच ६१,७९३ नए कोरोना रोगी पंजीकृत किए गए, जिनमें २०४ की मृत्यु हो गई ।
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