कम्युनिस्ट पार्टी के दबाव का नतीजा !
कम्युनिस्ट पार्टी के नेता लव जिहाद की जांच से इतना क्यों घबराते हैं, यह जगजाहिर है । लव जिहाद करने वालों को उनका छुपा समर्थन होने से वे इस प्रकार की कोई भी जांच नहीं होने देंगे, यह ध्यान रखें !

तिरुवनंतपुरम (केरल) – केरल में विधान सभा के चुनाव चालू हैं और आने वाली ६ एप्रिल को मतदान होने वाला है । राज्य के एल.डी.एफ. महागङ्गबंधन की घटक पार्टी कांग्रेस के नेता जोस के. मणी ने ‘यदि केरल में लव जिहाद के कारण चिंता का वातावरण होगा, तो इसकी जांच की जानी चाहिए’, ऐसा विधान किया था; लेकिन कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं के दबाव के कारण मणि द्वारा किया हुआ विधान उन्हेंं वापस लेना पडा ।
Jose K Mani says ‘love jihad’ should be addressed, withdraws statement a day later https://t.co/wwFP8H2xha
— The News Minute (@thenewsminute) March 29, 2021
१. मणि से पूछे गए प्रश्न के उत्तर में उन्होने कहा था कि, लव जिहाद का मामला सामने आता है, तो उसकी जांच की जानी चाहिए । वैसा उपाय करना चाहिए । फिर भी लोगों को उसपर संदेह है, तो उसका गहराई से अभ्यास करना चाहिए ।
२. इसके बाद कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं ने कहा कि, यह मणि का व्यक्तिगत मत है । हमारे घोषणापत्र में यह स्पष्ट किया गया है कि लव जिहाद शब्द धर्मांध शक्तियों द्वारा निर्माण किया गया है ।
३. भाजपा के केरल प्रदेश अध्यक्ष के. सुरेंद्रन ने कहा कि, मणि के विधान से यह सिद्ध हुआ कि भाजपा जो सूत्र उपस्थित कर रही है, वही राज्य के प्रचार का मुख्य सूत्र है । यदि राज्य में भाजपा की सरकार आती है, तो हम लव जिहाद विरोधी कानून बनाएंगे । ‘हमने यह जनता को आश्वासन दिया है’, ऐसा उन्होंने स्पष्ट किया ।
ईसाई समाज की ओर से मणि के विधान का स्वागत !
मणि के विधान का केरल कैथोलिक बिशप्स काउन्सिल ने समर्थन किया है । उन्होंने कहा कि, केरल में लव जिहाद एक वस्तूस्थिति है । मणि के विधान से हम खुश हैं । राज्य की अन्य पार्टियों को इस पर मत व्यक्त करना चाहिए ।
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