केरल की जनता को मद्यपी बनाने का प्रयास कर रही जनविरोधी साम्यवादी सरकार ! राजस्व की लालसा हेतु लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड करने वाली साम्यवादी सरकार जनहित में क्या साध्य करेगी ?

कोच्चि : कम्युनिस्ट शासित केरल में, विगत पांच वर्षों में, मद्य के विक्रय का मूल्य ६५ सहस्र करोड रुपए होने की सूचना सामने आई है । मद्य से संदर्भित प्रविष्ट सूचना अधिकार के अंतर्गत यह सूत्र उजागर हुआ है ।
सत्ता में आने के उपरांत, साम्यवादियों द्वारा अपनाई गई कुछ नीतियों के कारण मद्य के विक्रय में भारी वृद्धि हुई है । सत्ता में आते ही, साम्यवादियों ने पूर्व के यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट सरकार द्वारा बंद किए गए सभी मद्यालयों को पुनः आरंभ किया तथा २०० नए मद्यालयों एवं ९ क्लबों को मद्य विक्रय करने की अनुमति दी । यद्यपि वर्ष २०१८ में केरल में बाढ तथा वर्ष २०२० में कोरोना महामारी के कारण केरल की अर्थव्यवस्था ध्वस्त हो गई है, मद्य विक्रय के आंकडे आश्चर्यचकित करनेवाले हैं, ऐसा कहा जाता है ।
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