आंध्रप्रदेश में अब सीता माता की मूर्ति की तोडफोड !

  • प्रतिदिन राज्य में हिंदुओं के मंदिरों पर आक्रमण कर मूर्तियों की तोडफोड होते हुए ईसाईं मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी शांत कैसे रह सकते हैं ?

  • ऐसी घटना अन्य धर्मियों के प्रार्थना स्थलों के विषय में होती, तो उन्होंने अकाश पाताल एक कर दिया होता । हिंदु अति सहनशील होने के कारण वे निष्क्रिय रहते हैं, इसका गलत लाभ शासनकर्ता ले रहे हैं, यह ध्यान दें !


विजयवाडा (आंध्रप्रदेश) – यहां के नेहरू बस स्टैंड के पास सीताराम मंदिर में सीता माता की मूर्ति के साथ तोडफोड की घटना सामने आई । विजयनगरम् जिले के श्रीराम स्वामी देवस्थानम् में भगवान श्रीराम की ४०० वर्ष पुरानी मूर्ति और राजामुंद्री जिले में भगवान विघ्नेश्वर मंदिर में भगवान श्री सुब्रह्मण्येश्वर स्वामी की मूर्ति पिछले दिनों टूटी हुई अवस्था में मिली थी ।

           (इस तस्वीर को प्रकाशित करने का उद्देश्य लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं है
बल्कि तथ्यों की जानकारी देना है। – संपादक)

भाजपा के राष्ट्रीय सचिव सुनील देवधर ने मुख्यमंत्री वाई.एस. जगनमोहन रेड्डी को डांटते हुए पूछा कि, ऐसी घटनाएं केवल हिंदुओं के संदर्भ में ही क्यों होती हैं ?

जगनमोहन रेड्डी ईसाई हो सकते हैं; लेकिन वे हिंदुओं का धर्म परिवर्तन नहीं कर सकते ! एन. चंद्रबाबू नायडू

ईसाई जगनमोहन रेड्डी हिंदुओं के गद्दार हैं।

तेलगु देशम् पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि, जगनमोहन रेड्डी हिंदुओ के साथ विश्वासघात कर रहे हैं । रेड्डी ईसाई हो सकते हैंः लेकिन वे हिंदुओं का धर्मपरिवर्तन करने के लिए इस पद का दुरूपयोग नहीं कर सकते । ऐसा विचार करना भी गलत है । यदि सत्ता में बैठे लोग धर्म परिवर्तन कर रहे हैं, तो यह विश्वासघात करने के समान है । किसी को भी इस प्रकार की धार्मिक असहिष्णुता नही दिखानी चाहिए ।