यह न्यायालय को क्यों बताना पडता है ? वास्तविक ऑनलाइन शिक्षा का निर्णय लेते समय ‘क्या गरीब विद्यार्थी वह खर्च उठा पाएंगे ?’, ‘उन्हें वह शिक्षा कैसे दे पाएंगे ?’, इस संबंध में सरकारी तंत्रों को उपाययोजना बनाना आवश्यक था !

नई देहली – ऑनलाइन शिक्षा के लिए लैपटॉप, भ्रमणभाष, इंटरनेट आदि आवश्यक होने के कारण ये सुविधाएं सरकारी और निजि विद्यालय गरीब विद्यार्थियों को निःशुल्क उपलब्ध करवाएं, ऐसा आदेश देहली उच्च न्यायालय ने १८ सितंबर को दिया है । इसके लिए तीन सदस्यों की समिति नियुक्त की जाए । उसमें केंद्र के शिक्षा सचिव अथवा उनके प्रतिनिधि, निजि विद्यालयों के प्रतिनिधि और देहली सरकार के शिक्षा सचिव आदि का समावेश किया जाए, यह भी न्यायालय ने कहा है । ‘जस्टिस फॉर ऑल’ नामक संस्था ने इस संबंध में याचिका प्रविष्ट की थी ।
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