पुलिस प्रशासन की ओर से अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की नियुक्ति
इसका अर्थ यह है कि इससे पहले चलाए गए अवैध आंदोलन के सूत्रधार अभीतक घूम रहे हैं और वे अब पुनः सक्रिय होकर आंदोलन चलाने की तैयारी में हैं । पुलिस प्रशासन को इन सूत्रधारों को ढूंढकर कारागृह में बंद कर देना चाहिए !

नई देहली – यातायात बंदी से पहले नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध में देहली के शाहीन बाग में धर्मांधों द्वारा अवैधरूप से आंदोलन चलाया गया था । यातायात बंदी लागू होनेपर पुलिस प्रशासन ने इस आंदोलन को तोड डाला; परंतु अब धर्मांधों द्वारा पुनः यहां आंदोलन चलाने की तैयारी की जा रही है । गुप्तचर विभाग से प्राप्त सूचना के आधारपर यहां बडी संख्या में पुलिसकर्मी नियुक्त किए गए हैं ।
१. यातायात बंदी में छूट देने के उपरांत कुछ धर्मांध महिलाएं यहां एकत्रित हुई थीं, तब पुलिस प्रशासन ने उन्हें समझाकर यहां से वापस भेज दिया था । उसके पश्चात अब यहां पुलिसकर्मियों की संख्या बढाई गई है ।
२. शाहीन बाग के उपरांत जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय परिसर में भी पुलिसकर्मियों की नियुक्ति की गई है । यहां भी पुनः आंदोलन चलाए जाने की योजना की सूचना मिली है ।
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