१ सहस्र लोग चिकित्सालय में भर्ती

विशाखापट्टणम (आंध्र प्रदेश) – यहां के के.आर्.आर. व्यंकटपुरम् गांव में एल्.जी. पॉलिमर प्रतिष्ठान में रात २.३० बजे विषैला वायुस्टाईरीनमें रिसाव के कारण १० लोगों की मृत्यु हुई । मृतकों में ८ वर्ष की एक लडकीसहित २ वयस्क लोग अंतर्भूत हैं । इसके कारण कुल ५ सहस्र लोग प्रभावित हुए, तो १ सहस्र लोगों को चिकित्सालय में भर्ती किया गया है । उनमें से २० लोगों की स्थिति गंभीर है । इस विषैली वायु का परिणाम ३ कि.मी. परिसर में हुआ है । इस परिसर के ५ गावों के लोगों को सुरक्षित स्थानोंपर स्थानांतरित किया गया है । यह वायु रिसाव निश्चितरूप से किस कारण से हुआ है, यह अभीतक ज्ञात नहीं हुआ है । मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी ने इस घटना की जांच के आदेश दिए हैं । स्टाईरीन वायु का उपयोग गैस प्लास्टिक, रबर और पाईप्स बनाने के लिए किया जाता है ।

१. वायु रिसाव के कारण सैकडों लोगों को सर में वेदना, उल्टियां और सांस लेने में कष्ट होने लगा । अनेक लोग अपने स्थानपर ही मूर्च्छित हो गए । उसके पश्चात उन्हें तुरंत यहां के गोपालपूरम् के निजी चिकित्सालय में भर्ती किया गया । अधिकाधिक लोगों को चिकित्सा के लिए इस चिकित्सालय में डेढ से २ सहस्र पलंगों का प्रबंध किया गया है । इस समय पुलिस प्रशासन और सहकारी दल को लोगोंतक पहुंचने में समस्याएं आईं । पुलिस प्रशासन ने बताया कि उन्हें लगभग ५० लोग सडकपर ही मूर्च्छित अवस्था में पडे हुए दिखाई दिए ।

२. वायु रिसाव की जानकारी मिलते ही विशाखापट्टणम के जिलाधिकारी विनय चंद घटनास्थलपर पहुंच गए । वायु रिसाव के परिसर में लोगों को न जाने का भी आवाहन किया गया है । मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी स्वयं घटनास्थल पहुंचे । आजकल घटनास्थलपर एन्.डी.आर्.एफ्. और एस्.डी.आर्.एफ्. का बल सहायता कार्य कर रहा है ।
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा आपातकालीन बैठक
इस घटना के पश्चात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई.एस्. जगनमोहन रेड्डी के साथ चर्चा की, साथ ही संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की ।
प्रतिष्ठान में काम आरंभ करने की तैयारी के समय वायु का रिसाव ! – एन्.डी.आर्.एफ्.
राष्ट्रीय आपातकालीन सहायता दल के प्रमुख एस्.एन्. प्रधान ने बताया कि यह प्रतिष्ठान यातायात बंदी के कारण बंद किया था । कल उसे पुनः आरंभ करने की तैयारी की जा रही थी, उस समय यह वायु का रिसाव हुआ ।
क्या है स्टाईरीन वायु ?
स्टाईरीन एक रंगहीन तरल पदार्थ है, जो हवा के संपर्क में आनेपर वायु बनकर हवा में फैलता है । यदि यह पदार्थ संपूर्णरूप से शुद्ध स्वरूप में होता है, तो उससे मीठी सुगंध आती है । अनेक प्रतिष्ठान उसमें एल्डीहाईडस् मिलाते हैं, जिससे उसमें दुर्गंध आती है । इस स्टाईरीन का उपयोग बांधनी (पैकिंग) सामग्री, साथ ही प्लास्टिक की सामग्री बनाने हेतु किया जाता है ।
एल्.जी. पॉलीमर्स इंडस्ट्रीका इतिहास
एल्.जी. पॉलीमर्स इंडस्ट्रीकी स्थापना वर्ष १९६१ में हिन्दुस्थान पॉलीमर्स नाम से हुई । यह प्रतिष्ठान पॉलिस्टाईरेन और उसके को-पॉलिमर्सका निर्माण करता है । वर्ष १९७८ में यूबी ग्रुपके मैकडॉवेल एन्ड कंपनी लिमिटेड में हिन्दुस्थान पॉलिमर्स एन्ड कंपनी लिमिटेडका विलय किया गया । उसके उपरांत यह प्रतिष्ठान एल्.जी. पॉलिमर्स इंडस्ट्री नाम से जाना जाने लगा ।
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