पाक सेना ने कश्मीरियों को हथियार दिए ! – POK Leader

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में पाकिस्तान-विरोधी प्रदर्शन में आरोप

रावलकोट (पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर) – पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में पाकिस्तान सरकार के विरोध में प्रदर्शन लगातार तीव्र होते जा रहे हैं । २ जुलाई को इस आंदोलन के २४वें दिन रावलकोट के ईदगाह मैदान में लगभग ८० सहस्र लोग एकत्र हुए थे । प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान सरकार के विरोध में नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को पुनः दोहराया । ‘संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी’ के प्रमुख सरदार अमन खान ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए पाकिस्तानी सेना पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कश्मीरियों को हथियार एवं गोला-बारूद स्वयं पाकिस्तानी सेना ने ही दिए थे; परंतु अब वही लोग उन्हें ‘आतंकवादी’ कह रहे हैं ।

अमन खान ने दावा किया कि फरवरी २०२५ में रावलकोट में जैश-ए-मोहम्मद का एक जुलूस निकाला गया था । इसमें लोग सार्वजनिक रूप से एके-४७ राइफल एवं तलवारें लेकर सम्मिलित हुए थे । रावलकोट के तत्कालीन उपायुक्त ने इस जुलूस को केवल अनुमति ही नहीं दी थी, अपितु सुरक्षा भी प्रदान की थी । पहले हथियारों के साथ जुलूस निकालने दिया गया परंतु अब हमें ‘आतंकवादी’ कहा जा रहा है ।
आंदोलन पाकिस्तान से पूरी तरह अलग होने की मांग तक पहुंच सकता है !
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका यह आंदोलन ३८ प्रमुख मांगों के लिए चल रहा है । अमन खान ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इन मांगों को शीघ्र स्वीकार नहीं किया, तो यह आंदोलन केवल सुधारों तक सीमित नहीं रहेगा, अपितु पाकिस्तान से पूरी तरह अलग होने की मांग तक पहुंच सकता है ।

भारत के साथ संवाद की भी हुई चर्चा

सभा के कुछ वक्ताओं ने पाकिस्तान का नियंत्रण अस्वीकार करते हुए भारत के साथ संवाद बढाने की आवश्यकता भी व्यक्त की । अमन खान ने कहा कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर पाकिस्तान का भाग नहीं है और इस क्षेत्र की आवश्यकता पाकिस्तान को अधिक है, यहां के लोगों को नहीं ।

विदेशों में रहनेवाले लोगों का भी समर्थन

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में चल रहे इस आंदोलन को विदेशों में रहने वाले लोगों का भी समर्थन मिल रहा है । अनेक देशों में पाकिस्तानी दूतावासों के बाहर प्रदर्शन किए गए हैं । इसके कारण यह आंदोलन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बनता जा रहा है ।

संपादकीय भूमिका

जो बात भारत पिछले अनेक दशकों से कहता आ रहा है, वही अब पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के लोग सार्वजनिक रूप से कहने लगे हैं । अब वैश्विक समुदाय को पाकिस्तान को ‘आतंकवादी देश’ घोषित करना चाहिए !