‘ऑपरेशन सिंदूर २’ के लिए भारतीय सेना तैयार ! – Indian Army Chief

सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी

पुणे – ‘ऑपरेशन सिंदूर’ अभी समाप्त नहीं हुआ है । वर्तमान में केवल युद्धविराम जैसी स्थिति है । आवश्यकता पडने पर भारतीय सेना की तीनों शाखाएं ‘ऑपरेशन सिंदूर २’ के लिए पूर्णतः तैयार हैं, ऐसा सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा । राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एन.डी.ए. – नेशनल डिफेंस एकेडमी) की १५० वीं ‘पासिंग आउट परेड’ में समीक्षा अधिकारी (रिव्यूइंग ऑफिसर) के रूप में जनरल द्विवेदी उपस्थित थे । इस समारोह में ‘सुखोई ३० एम.के.आई.’ लडाकू विमानों, तथा चेतक एवं सारंग हेलीकॉप्टर दल आदि ने विस्मयकारी प्रदर्शन प्रस्तुत किए । संचलन (परेड) में १२ मित्र देशों के २४ विदेशी छात्र सैनिकों की भी सहभागिता थी ।

भविष्य के युद्धों के स्वरूप तथा तकनीक के विषय में संबोधित करते हुए सेनाध्यक्ष ने कहा कि ‘भविष्य के युद्ध केवल भूमि, वायु एवं समुद्र तक ही सीमित न रहकर वे साइबर, अंतरिक्ष तथा आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में लडे जाएंगे’ ।

सेनाध्यक्ष द्वारा प्रतिपादित सूत्र

१. आधुनिक युद्ध पूर्णतः पारदर्शी हो चुका है तथा शत्रु की प्रत्येक गतिविधि पर २४ घंटे दृष्टि रखी जा रही है ।

२. भारतीय सेना ‘डिकेड ऑफ ट्रांसफॉर्मेशन’ (वर्ष २०२३ से २०३२ के इस दशक में भारतीय सेना को अधिक आधुनिक, चपल तथा तकनीक से सुसज्जित बनाने का कार्य चल रहा है ।) इस उपक्रम के अंतर्गत भविष्य की चुनौतियों के लिए आधुनिक सैन्य संरचना में परिवर्तन कर रही है ।

३. सूचना युद्ध (इनफॉर्मेशन वॉर) जीतने के लिए देश के नागरिकों तथा संस्थाओं के मध्य पारस्परिक विश्वास अत्यंत आवश्यक है ।

४. ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने एक मानक स्थापित किया है तथा भारत किसी भी उकसावे का करारा उत्तर देता है, यह उसने विश्व को दिखा दिया है ।

संपादकीय भूमिका

पाकिस्तानी आतंकवादियों द्वारा पुनः हिन्दुओं की हत्या किए जाने के उपरांत भारत ‘ऑपरेशन सिंदूर’ करेगा । इसके स्थान पर आतंकवादी हिन्दुओं पर कभी आक्रमण ही न कर सकें, इस लिये पाकिस्तान को समूचा नष्ट करने के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ किया जाना चाहिए ! आक्रमण ही रक्षा का सर्वोत्तम शस्त्र है, इसे ध्यान में रखना चाहिए !