MLA T Raja Singh : मुसलमानों के दबाव के सामने झुककर पुलिस ने विधायक टी. राजासिंह की धर्मसभा को अनुमति नहीं दी ।

  • भोपाल (मध्यप्रदेश) की घटना

  • पुलिस प्रशासन ने भीड एवं भगदड मचने की संभावना का कारण देकर दिया आदेश ।

  • प्रखर हिन्दुत्वनिष्ठ संगठन ‘धर्मरक्षक’ ने धर्मसभा का आयोजन किया था ।

भोपाल (मध्यप्रदेश) – यहां ३१ मई को होनेवाली धर्मसभा निरस्त की गई है । इसके कारण भाग्यनगर के प्रखर हिन्दुत्वनिष्ठ विधायक टी. राजासिंह के मार्गदर्शन से सहस्रों भोपालवासी वंचित रहनेवाले हैं । मध्यप्रदेश के हिन्दुत्वनिष्ठ संगठन ‘धर्मरक्षक’ने इस सभा का आयोजन किया था, परंतु भोपाल पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के नाम पर सभा की अनुमति नहीं दी । ‘सनातन प्रभात’ को यह विश्वसनीय समाचार मिला कि मुसलमानों के दबाव के सामने झुककर पुलिस ने इस धर्मसभा की अनुमति देने से मना किया ।

पुलिस के इस आदेश के विरुद्ध आयोजक मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय पहुंचे, परंतु न्यायालय ने इस पर १ जून को सुनवाई रखने के कारण सभा निरस्त करनी पडी, ऐसी जानकारी ‘धर्मरक्षक’के भोपाल जिलाध्यक्ष श्री. विवेक मेषकर ने ‘सनातन प्रभात’को दी । इस संदर्भ में भोपाल के पुलिस आयुक्त संजय कुमार से संपर्क नहीं हो पाया ।

“एक महीने के भीतर मैं भोपाल में ही इससे बडी सभा करके दिखाऊंगा !” – विधायक टी. राजा सिंह

विधायक टी. राजासिंह

सभा निरस्त होने के विषय में विधायक टी. राजा सिंह से ‘सनातन प्रभात’ के प्रतिनिधि ने बातचीत की । इस समय उन्होंने कहा कि जिहादी पिछले १० दिनों से सोशल मीडिया पर मेरा विरोध कर रहे हैं । वे मुझे भोपाल नहीं आने देना चाहते । उन्होंने पुलिस को ज्ञापन भी सौंपा । यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि मध्य प्रदेश पुलिस जिहादियों के दबाव में आ गई और उन्होंने सभा की अनुमति देने से मना कर दिया । यह शर्मनाक है । भोपाल शहर ‘लव जिहाद’ का गढ बनता जा रहा है । प्रत्येक सप्ताह वहां हिन्दू लडकियों के साथ बलात्कार हो रहे हैं । वास्तव में पुलिस को ‘लव जिहादियों’ को पकडना चाहिए । मध्य प्रदेश सरकार को ‘Love जिहाद’ के विरुद्ध और अधिक कडा कानून बनाना चाहिए । ऐसा करने के स्थान पर वे हिन्दुओं की सभाओं की अनुमति देने से इनकार कर रहे हैं । मध्य प्रदेश में भगवा सरकार होने के कारण निर्णय हिन्दुओं के पक्ष में होने चाहिए । अगर जिहादियों से भयभीत होकर ऐसे निर्णय लिए गए, तो इससे हिन्दुओं का मनोबल टूटेगा । मुझे लगता है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव को इस पर विचार करने की आवश्यकता है । मैं अगले एक महीने में भोपाल में इससे बडी सभा करके दिखाऊंगा ।

विधायक टी. राजा सिंह को मुसलमानों ने दी जान से मारने की धमकी !

भोपाल के मुसलमानों ने विधायक टी. राजा सिंह पर अत्यंत निचले स्तर पर जाकर टिप्पणी की । साथ ही उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी । मोहम्मद आमिर खान और अराज नाम के व्यक्तियों ने इंस्टाग्राम पर कहा कि ‘अगर राजा सिंह ने मुसलमानों के विरोध में बयानबाजी की, तो उन्हें भोपाल से जिंदा जाने नहीं देंगे ।’

इस पर ‘धर्मरक्षक ग्रामीण’ के समन्वयक श्री शिशुपाल ठाकुर ने कहा कि यह अत्यंत गंभीर प्रकरण है । ऐसे जिहादियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कठोर से कठोर कार्रवाई होनी चाहिएन। लोकतंत्र में हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है ।

न्यायालय की भूमिका

ऐसा है घटनाक्रम ।

१. ‘धर्मरक्षक’, इस प्रखर हिन्दुत्वनिष्ठ संगठन ने भोपाल के गांधीनगर क्षेत्र में स्थित बस स्टैंड परिसर में एक सार्वजनिक धर्मसभा का आयोजन किया था । भाग्यनगर के विधायक टी. राजासिंह इस सभा को संबोधित करनेवाले थे । आयोजकों ने इस सभा में ५ सहस्र हिन्दू उपस्थित रहने की संभावना जताई थी ।

२. तथापि भोपाल पुलिस ने इस धर्मसभा को अनुमति नहीं दी । पुलिस ने शहर की कानून-व्यवस्था का कारण देकर ‘टी. राजासिंह की सभा को अनुमति नहीं दी जा सकती ,आप अन्य वक्ता को आमंत्रित कीजिए’, ऐसा आयोजकों को बताया । आयोजकों ने उस संदर्भ में लिखित आदेश देने का अनुरोध करने पर २६ मई की रात को अर्थात सभा से ५ दिन पूर्व भीड का उठपटांग लिखित कारण देकर सभा को अनुमति नहीं दी ।

३. सभास्थल भीडभाड वाला स्थान होने से यहां सभा ली गई तो भीड एवं भगदड मचने जैसी स्थिति बन सकती है, यह कारण दिया गया ।

४. सभा के लिए ४ दिन शेष रह जाने से २७ मई को इस आदेश के विरुद्ध आयोजक मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय पहुंचे । न्यायालय के जबलपुर खंडपीठ ने ‘इसमें मध्यप्रदेश सरकार की भूमिका जाने बिना अनुमति नहीं दी जा सकती’, ऐसा बताते हुए २९ मई की सुनवाई के समय १ जून को सुनवाई की अगली तिथि सुनिश्चित की । इस संदर्भ में मुख्य न्यायाधीश से भी अनुरोध किया गया था । ३१ मई सभा की तिथि होने के कारण सभा निरस्त करनी पडी, ऐसी जानकारी ‘धर्मरक्षक’संगठन ने ‘सनातन प्रभात’को दी ।

पुलिस ने नहीं दी अनुमति

सभा निरस्त होने का वास्तविक कारण

१५-२० दिन पूर्व भोपाल में लव जिहाद के एक प्रकरण से हिन्दू-मुसलमानों के मध्य तनाव उत्पन्न हुआ था । इसके आधार पर ‘जमीयत-उलेमा-ए-हिन्द’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने केंद्रीय गृहमंत्रालय से पत्र लिखकर ‘भोपाल में होनेवाली टी. राजासिंह की सभा निरस्त की जाए’, यह मांग की । इसके उपरांत इस संगठन के मध्यप्रदेश अध्यक्ष हाजी मोहम्मद हारून ने भी भोपाल के पुलिस आयुक्त से मिलकर ‘भोपाल की कानून-व्यवस्था न बिगडे, इसलिए सभा की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए’, इस मांग का ज्ञापन प्रस्तुत किया ।

इसमें विशेष बात यह कि भीड एवं भगदड मचने की संभावना का जो कारण देकर सभा की अनुमति नहीं दी गई, उस मैदान पर इससे पूर्व अनेक राजनीतिक दलों की सभाएं संपन्न हुई हैं, तथापि हिन्दुओं की इस सभा को अनुमति न दी जाने से हिन्दुओं में क्षोभ है ।

मध्यप्रदेश पुलिस में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की क्षमता नहीं है ! – धर्मरक्षक संगठन

इस संदर्भ में ‘धर्मरक्षक’के जिलाध्यक्ष श्री. विवेक मेषकर ने ‘सनातन प्रभात’के प्रतिनिधि के सामने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि टी. राजासिंह तेलंगाना में रहते हैं । उनके भाषणों से कभी भी वहां की कानून-व्यवस्था नहीं बिगडती । इसका अर्थ तेलंगाना की पुलिस उतनी सक्षम है; परंतु मध्यप्रदेश पुलिस को कानून-व्यवस्था का भय लगता है । इसका अर्थ यह है कि मध्यप्रदेश पुलिस में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की क्षमता नहीं है, ऐसा ही इसके आधार पर कहा जा सकता है ।

न्यायालय हमें धर्मसभा के लिए जो तिथि देगा, उस दिन हम सभा लेंगे – ‘धर्मरक्षक’के अधिवक्ता अतुल जेसवानी

इस प्रकरण में ‘धर्मरक्षक’के पक्ष में न्यायालयीन लडाई लडनेवाले अधिवक्ता अतुल जेसवानी से संपर्क करने पर उन्होंने कहा कि पुलिस कानून की (पुलिस एक्ट) के ‘अनुच्छेद ३० तथा उपअनुच्छेद २’ के अनुसार किसी भी कार्यक्रम के लिए अनुमति अस्वीकार नहीं कर सकती । हम न्यायतंत्र पर संपूर्ण विश्वास करते हैं । १ जून को होनेवाली सुनवाई में न्यायालय हमें सभा लेने के लिए जो भी तिथि देगा, उस दिन हम सभा लेंगे ।

संपादकीय भूमिका

  • केंद्र, राज्य एवं महापालिका इन तीनों स्थानों पर भाजपा सत्ता में होते हुए भी ऐसा होना हिन्दुओं को अपेक्षित नहीं है ।
  • हिन्दुओ, अंतर्मुख हों, सरकार, प्रशासन एवं पुलिस मुसलमानों की मांगों के सामने झुकते हैं, इसका कारण है उनका दबाव तथा उनकी भीडतंत्र की प्रवृत्ति , कितने हिन्दू संगठन एकत्रित होकर ऐसा दबाव बनाते हैं, कि सरकार को उनकी मांग मानने पर बाध्य होना पडे ?
  • धर्म की स्वतंत्रता, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, भाषण की स्वतंत्रता प्रदान करनेवाले संविधान के अनुच्छेद १९ अ, १९ ब, २५ एवं २६ को साख पर बिठाकर हिन्दुओं के साथ अन्याय करनेवाली मध्यप्रदेश की पुलिस ।