West Bengal Elections2026 : हिंसाचार से कलंकित बंगाल के चुनावों में ९१.६६ प्रतिशत से अधिक मतदान !

भाजपा के प्रमुख नेता शुभेंदू अधिकारी पर तृणमूल कांग्रेस का आक्रमण

कोलकाता (बंगाल) – बंगाल विधानसभा चुनाव के २९ अप्रैल को दूसरे एवं अंतिम चरण की १४२ सीटों पर मतदान संपन्न हुआ । अंतिम आंकडे प्राप्त होने तक राज्य में कुल ९१.६६ प्रतिशत से अधिक मतदान होने की सूचना मिली है । तथापि, मतदान के समय हिंसा की अनेक घटनाओं के कारण चुनाव की शुचिता प्रभावित हुई । राज्य के भाजपा के प्रमुख नेता शुभेंदू अधिकारी पर तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने आक्रमण किया । अधिकारी के अनुसार, आक्रमण करने वालों में कुछ महिलाएं एवं मुसलमान युवक सम्मिलित थे । प्रथम चरण की १५२ सीटों पर २३ अप्रैल को हुए मतदान का प्रतिशत ९३ था । ४ मई को चुनाव के परिणामों की घोषणा होगी ।

भाजपा के प्रमुख नेता शुभेंदू अधिकारी

चुनाव की कुछ गंभीर घटनाएं !

१. राज्य के डायमंड हार्बर के फाल्टा में मतदान यंत्र (EVM) में भाजपा के बटन पर ‘टेप’ (चिपकाने वाली पट्टी) लगाकर उसे बंद किए जाने का भाजपा का आरोप है, साथ ही पानीहाटी में मतदान यंत्र पर भाजपा के बटन पर स्याही के धब्बे होने की परिवाद (शिकायत) प्राप्त हुई है ।

२. तृणमूल कांग्रेस के गुंडों ने दक्षिण २४ परगना जनपद के भाजपा प्रत्याशी विकास सरदार के वाहन के कांच फोड दिए । उनके सुरक्षाकर्मी की बंदूक छीनने का प्रयास भी किया गया ।

३. भाजपा प्रत्याशी रत्ना देबनाथ ने भी आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के उपद्रवियों ने उन पर आक्रमण किया ।

४. नंदीग्राम एवं भवानीपुर के भाजपा प्रत्याशी सुवेंदू अधिकारी जब कालीघाट स्थित मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निवास स्थान से लगभग १०० मीटर की दूरी पर स्थित मार्ग से जा रहे थे, तब स्थानीय लोगों ने ‘वापस जाओ’ के नारे लगाए । इस पर अधिकारी ने ‘जय श्रीराम’ का उद्घोष कर प्रत्युत्तर दिया । इस समय उन पर आक्रमण किया गया ।

५. उत्तर २४ परगना जिले के कुछ मतदाताओं ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर उन्हें धमकाने का आरोप लगाया । चुनाव के समय भय का वातावरण निर्मित किए जाने का भी उनका आरोप है ।

६. तृणमूल कांग्रेस की प्रत्याशी श्रेया पांडे के निवास के समक्ष माणिकतला स्थित शिक्षा निकेतन विद्यालय में मतदान केंद्र है । उसके निकट पांडे के प्रचार का एक फलक (बोर्ड) लगाया गया था । निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार मतदान केंद्र के १०० मीटर की परिधि में कोई भी प्रचार सामग्री नहीं होनी चाहिए । (इसी कारण यदि श्रेया पांडे विजयी होती हैं, तो भी उनकी सदस्यता निरस्त होनी चाहिए ! – संपादक)

मतदान यंत्र पर जहां -जहां ‘टेप’ मिलेगी, वहां पुनर्मतदान होगा ! – निर्वाचन आयोग

बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने बताया कि जिन मतदान केंद्रों पर काली अथवा श्वेत ‘टेप’ होने की शिकायतें आएंगी, उन मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराया जाएगा । इसके साथ ही यदि एक ही विधानसभा क्षेत्र के अनेक मतदान केंद्रों से ऐसी ही शिकायतें प्राप्त हुईं, तो संपूर्ण निर्वाचन क्षेत्र में पुनर्मतदान कराया जाएगा ।

 (और इनकी सुनिए…) ‘अनेक वर्षों पश्चात बंगाल में शांतिपूर्ण मतदान !’ – इंडियन सेक्युलर फ्रंट

इतना हिंसाचार होने के पश्चात भी यदि सिद्दीकी का यह कहना है कि मतदान शांतिपूर्ण हो रहा है, तो पूर्व के चुनावों में हिंसा किस स्तर की होती होगी, इसका विचार न करना ही उचित है !

‘इंडियन सेक्युलर फ्रंट’ नामक राजनीतिक दल के अध्यक्ष नौशाद सिद्दीकी ने कहा कि बंगाल चोरों से मुक्त होना चाहिए । मतदान केंद्रों पर जाकर देखें, अनेक वर्षों पश्चात मतदान शांतिपूर्ण हो रहा है । हम यही चाहते थे । आप अपनी इच्छा के अनुसार किसी को भी मत दें; परंतु शांति से मतदान करें ।

(और इनकी सुनिए…) ‘बाहरी निरीक्षकों एवं अधिकारियों को लाकर भाजपा आतंक फैला रही है !’

मुख्यमंत्री एवं भवानीपुर से तृणमूल की प्रत्याशी ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि बाहर से अनेक निरीक्षक आए हैं । भाजपा जो कहती है, वे वही कर रहे हैं । क्या चुनाव इस प्रकार संपन्न कराए जाते हैं ? मतदाता अपना मत देंगे, पुलिस अथवा सुरक्षा बल नहीं । अभी हाल ही में कुछ नये लोगों को लाया गया है तथा वे वही कर रहे हैं जो उन्हें प्रिय है । वे भय व्याप्त कर रहे हैं ।

 

संपादकीय भूमिका

चुनावों में हिंसा करने वाली शक्तियों के कारण लोकतंत्र निर्बल होता है । बंगाल में ऐसे कार्यों को करने में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस ही आगे है । अतः ऐसे हिंसक दल पर प्रतिबंध ही लगाना चाहिए !