बंगाल में द्वितीय चरण के मतदान पूर्व तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता के घर से १०० देशी बम नियंत्रित

कोलकाता (बंगाल) – बंगाल विधानसभा निर्वाचन की गहमागहमी के मध्य हिंसा का एक बडा षड्यंत्र उजागर हुआ है । राज्य के दक्षिण २४ परगणा जनपद के भांगर में पुलिस ने बडी कार्यवाही करते हुए रफिकुल इस्लाम नामक तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता के घर से १०० देशी बम नियंत्रित किए हैं । इस घटना के पश्चात सम्पूर्ण परिसर में तनाव का वातावरण है एवं सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ कर दी गई है ।

निर्वाचन आयोग की कठोर भूमिका : राष्ट्रीय जांच विभाग करेगा जांच

इस घटना का गंभीर संज्ञान लेते हुए निर्वाचन आयोग ने कठोर रुख अपनाया है । आयोग के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि कोलकाता पुलिस आयुक्त से लेकर अन्य वरिष्ठ अधिकारियों तक सभी को चेतावनी दी गई है । यदि किसी भी क्षेत्र में विस्फोटक अथवा धमकी देने के प्रकरण सामने आए , तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी । साथ ही निर्वाचन आयोग ने बंगाल पुलिस को बम बनानेवालों को बन्दी बनाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं । विशेष यह है कि बम बनाने से संबंधित सभी प्रकरणों की जांच अब राष्ट्रीय जांच विभाग करेगा ।

१५ स्थानों पर पुलिस के छापे : ४ मुसलमानों को बन्दी बनाया

बम मिलने के पश्चात पुलिस ने कार्यवाही करते हुए सुजाउद्दीन को बन्दी बनाया है । सुजाउद्दीन मांग के अनुसार देशी बम बनाकर देता था । सुजाउद्दीन ने अपने पिता सईद अली , अब्दुल हलीम एवं अन्य लोगों की भी इस कृत्य में सहभागिता होने की जानकारी दी । पुलिस ने इस प्रकरण में अभियोग पंजीकृत किया है एवं अन्य अपराधियों की खोज की जा रही है । पुलिस के अनुसार , इस क्षेत्र में संगठित तंत्र सक्रिय होने की संभावना है । पुलिस ने इसके पश्चात छोटा बांकरी क्षेत्र में छापा मारकर ५ देशी बम जप्त किए । बम हस्तगत करने के पश्चात बम निरोधक दल को बुलाकर उन्हें सुरक्षित रूप से निष्क्रिय किया गया ।

इससे पूर्व मार्च मास में बम बनाते समय हुए विस्फोट में एक व्यक्ति की मृत्यु हुई थी , जबकि ३ व्यक्ति घायल हुए थे ।

जगतदल हिंसा प्रकरण में भी तृणमूल कांग्रेस के ४ लोग बन्दी

उत्तर २४ परगणा जनपद के जगतदल में हुई हालिया हिंसा के पश्चात पुलिस ने १५ घरों पर छापे मारकर ४ लोगों को बन्दी बनाया । कौशिक दास , सिकंदर प्रसाद , गोपाल राउत एवं श्यामदेव शॉ उनके नाम हैं एवं वे तृणमूल कांग्रेस से संबंधित बताए जा रहे हैं , जबकि अन्य अपराधी अभी भी फरार हैं ।

संपादकीय भूमिका

  • इतनी बड़ी संख्या में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता के पास बम मिलते हैं , इसका अर्थ है कि उसके पास इनका बडा कारखाना होगा , इसमें संदेह नहीं !
  • बम विस्फोटों के आधार पर सनातन पर मिथ्या आरोप लगाकर प्रतिबन्ध लगाने की मांग करनेवाले अब तृणमूल कांग्रेस पर प्रतिबन्ध लगाने की मांग क्यों नहीं करते ?