
मुम्बई – “भारत में शरीयत के अनुसार इस्लामिक शासन न होने से यह इस्लामिक शक्तियों के लिए काफिरों की भूमि है । उन्हें भारत में ‘दार-उल-इस्लाम’ (इस्लाम का शासन) लाना है एवं इसके लिए आरम्भ किए गए जिहाद को ‘गजवा-ए-हिन्द’ संबोधित किया गया है । भारत को ‘खुरासान’ नाम बहुत पहले ही दिया जा चुका है । हिन्दुओं के विरुद्ध जिहाद अनेक वर्षों से चल रहा है; मात्र नाशिक के टी.सी.एस. प्रकरण के कारण ‘व्यावसायिक जिहाद’ अभी आरम्भ हुआ है , ऐसा हिन्दुओं को लग रहा है । वर्ष ७११ से मोहम्मद बिन कासिम ने आक्रमण किया , तब से नियोजनबद्ध रीति से जिहाद का षड्यंत्र चल रहा है तथा वह आज भी जारी है । इस विषय में हिन्दुओं में जागृति न होने से जिहाद के विरुद्ध यह अभियान आरम्भ किया गया है”, ऐसा प्रतिपादन हिन्दू जनजागृती समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री. रमेश शिंदेजी ने किया ।
वे मुलुंड स्थित पद्मावती बैंक्वेट सभागृह में २६ अप्रैल को ‘कॉर्पोरेट जिहाद के विरुद्ध जनजागृति अभियान’ विषय पर आयोजित विशेष संवाद में बोल रहे थे । इस अवसर पर हिन्दुत्वनिष्ठ एवं सामाजिक कार्यकर्ता अधिवक्त्या (श्रीमती) प्रीती राउत एवं सनातन संस्था की श्रीमती धनश्री केळशीकर ने भी उपस्थितों को संबोधित किया । इस समय मुम्बई , ठाणे , रायगड एवं पालघर जनपदों से हिन्दुत्वनिष्ठ एवं युवक-युवती बडी संख्या में सहभागी हुए । कार्यक्रम का समापन प्रश्नोत्तर सत्र एवं सम्पूर्ण ‘वन्दे मातरम्’ से हुआ ।
श्री. रमेश शिंदेजी ने आगे कहा :
१. वर्ष ७११ में मोहम्मद बिन कासिम ने आक्रमण कर हिन्दू राजा दाहिर की पुत्रियों का अपहरण किया , तब से ‘लव जिहाद’ आरम्भ हुआ । उसके पश्चात गजनी, घोरी, बाबर, अकबर ने आक्रमण किए । केवल छत्रपति शिवाजी महाराज के काल में महिलाओं को सम्मान एवं सुरक्षा प्रदान की गई; तथा उसके पश्चात १९४७ के समय हुआ देश का विभाजन , वर्ष १९७१ में हुआ बांग्लादेश का निर्माण , १९९० में कश्मीर में हुआ हिन्दुओं का नरसंहार एवं हिन्दू महिलाओं पर हुए अत्याचार तब से अब तक जारी हैं । हिन्दी चलचित्र जगत के अनेक मुसलमान अभिनेताओं ने हिन्दू अभिनेत्रियों से विवाह कर एक प्रकार से जिहाद को प्रोत्साहन दिया है ।
२. धर्मान्तरण विरोधी कानून में गुजरात सरकार द्वारा किए गए प्रावधान के अनुसार यदि कोई लडकी परधर्म के पुरुष के साथ विवाह करने की इच्छुक हो , तो उसे ९० दिन पूर्व माता-पिता को बताकर उनसे ‘अनापत्ति प्रमाणपत्र’ प्रस्तुत करना होगा । महाराष्ट्र सरकार को भी यह कदम उठाना चाहिए ।
३. केन्द्र सरकार द्वारा संसद में प्रस्तुत राष्ट्रीय अपराध अभिलेख विभाग (एन.सी.आर.बी.) के प्रतिवेदन के अनुसार देशभर में वर्ष २०१६ से २०२१ के कालखंड में ४ लाख ६५ सहस्र से अधिक लडकियां लापता हुई हैं । इनमें सर्वाधिक लडकियां महाराष्ट्र से लुप्त हुई हैं । आज मेरी पुत्री सुरक्षित है; परंतु वह कल सुरक्षित होगी अथवा नहीं ? , इसकी चिन्ता करनी चाहिए ।
‘लव जिहाद’ के विरुद्ध ‘बेटी बचाओ’ अभियान !पिछले अनेक वर्षों से लव जिहाद के प्रकरण चल रहे हैं । हिन्दू युवतियां ‘लव जिहाद’ की शिकार न हों , इसके लिए हम ‘बेटी बचाओ अभियान’ आरम्भ कर रहे हैं । हिन्दुओं को भी इस अभियान में सहभागी होना चाहिए । जनजागृती के लिए आयोजित होनेवाले व्याख्यानों एवं उपक्रमों के लिए हम सहयोग करेंगे , ऐसा आवाहन श्री. रमेश शिंदे जी ने किया । |
‘कॉर्पोरेट जिहाद’ में सहायता करनेवाली व्यवस्था एवं लोगों को भी दण्ड मिलना चाहिए ! – अधिवक्ता श्रीमती प्रीती राउत
आज हिन्दू युवतियां लव जिहाद एवं धर्मान्तरण की शिकार हो रही हैं । ‘कॉर्पोरेट जिहाद’ के प्रकरण में सहायता करनेवाली व्यवस्था एवं लोगों को भी अपराध की श्रेणी में लाकर दण्ड देना चाहिए; मात्र पूर्व एवं वर्तमान सरकार में जिहाद रोकने के विषय में गम्भीरता नहीं है । सरकार यदि निश्चय करे , तो वे इसकी जडें नष्ट कर सकते हैं । हिन्दुओं को इस प्रकार संगठित होना होगा कि कोई भी सरकार हो , उसे हिन्दुओं की बात सुननी ही पडेगी । हिन्दू महिलाओं एवं युवतियों को लक्ष्य किया जा रहा है । हिन्दू युवतियों को शारीरिक , मानसिक एवं ज्ञान की दृष्टि से सशक्त एवं समर्थ बनना चाहिए ।
आनेवाली पीढी को बचाना है , तो बच्चों को धर्मशिक्षा देनी चाहिए ! – श्रीमती धनश्री केळशीकर
टी.सी.एस. प्रकरण में प्रसार माध्यमों ने भ्रम फैलानेवाले समाचार प्रसारित किए हैं । कॉर्पोरेट जिहाद एवं लव जिहाद करना ही उनका ध्येय नहीं है , अपितु वर्ष २०४७ तक भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाना उनका लक्ष्य है । हमारे बच्चे किसके साथ जा रहे हैं ? , इस विषय में अभिभावकों का सजग रहना आवश्यक है । आनेवाली पीढी को बचाना है , तो बच्चों को धर्मशिक्षा देना चाहिए ।
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