बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिन्दुओं के अधिकारों के लिए लडने वाली ‘बांग्लादेश माइनॉरिटी वॉच’ संस्था की न्यायालयीन लडाई को सफलता !

ढाका (बांग्लादेश) – यहां के सह-जिला न्यायाधीश ने धामराई उपजिले के पीडित हिन्दुओं को अभी कुछ समय पूर्व ही में एक मिथ्या प्रकरण से मु्क्त कर दिया। बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिन्दुओं के अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाली ‘बांग्लादेश माइनॉरिटी वॉच’ की न्यायालयीन लडाई सफल रही, ऐसी जानकारी संस्था के संस्थापक पूज्य अधिवक्ता रविंद्र घोष ने दी । इन तीनों पीडित हिन्दुओं के नाम जीवन पाल, कार्तिक हलदर और रूपा हलदर हैं ।
१. मु्क्त हुए पीडित हिन्दुओं ने एक प्रकरणमें पुलिस में परिवाद प्रविष्ट कराया था । उन्हें न्याय देने के स्थान पर ढाका पुलिस की अपराध शाखा ने मानवाधिकार उल्लंघन के एक पुराने प्रकरणमें उन्हीं परिवादकर्ताओं के विरुद्ध प्रकरण प्रविष्ट कर उन्हें ही आरोपी बना दिया ।
२. ‘बांग्लादेश माइनॉरिटी वॉच’ ने घटनास्थल पर जाकर जांच की, तो यह उजागर हुआ कि जीवन पाल, कार्तिक हलदर एवं रूपा हलदर के उत्पीडन के लिए स्वयं पुलिस ही उत्तरदायी थी ।
३. पूज्य अधिवक्ता रविंद्र घोष ने २१ अप्रैल २०२६ को ढाका न्यायालय के सह-जिला न्यायाधीश के समक्ष पीडित हिन्दुओं का पक्ष रखा । उन्होंने न्यायाधीश के ध्यान में लाया कि पुलिस ने परिवादकर्ताओं पर दबाव डालकर एवं धमकी देकर बल पूर्वक उनसे साक्ष्य दिलवाए थे ।
४. न्यायालय में लंबी सुनवाई के उपरांत पीडित हिन्दुओं को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया गया ।
UK Mandir Auction : ब्रिटेन में नीलामी में मंदिर का स्थान मुसलमानों को बेचा !
Sri Mahakaleshwar Temple : मंदिर के पास ४७२ करोड रुपये की सावधि जमा (फिक्स्ड डिपॉजिट) तथा ३०० करोड रुपये मूल्य का स्वर्ण-रजत !
Chhattisgarh High Court : ‘हिन्दू एक गाली है, जिसका अर्थ चोर, डाकू, लुटेरा तथा गुलाम होता है’ ऐसा कहने वाले ईसाई संगठन के ११ लोगों के विरुद्ध प्रविष्ट अपराध निरस्त नहीं होगा ।
Sheikh Hasina Bangladesh : शेख हसीना ने दिसंबर में बांग्लादेश लौटने की घोषणा की !
Chhattisgarh High Court : विद्यालयों में गायत्री मंत्र के पाठ संबंधी निर्देश देनेवाले परिपत्र को चुनौती देनेवाली याचिका उच्च न्यायालय ने निरस्त की !
UCC Maharashtra : शीतकालीन सत्र में ‘समान नागरिक संहिता’ का प्रारूप प्रस्तुत किया जाएगा ! – देवेन्द्र फडणवीस, मुख्यमंत्री