सुरसम्राज्ञी आशा भोसले का निधन !

सूरसम्राज्ञी आशा भोसले

मुंबई — अपनी आवाज से फिल्म उद्योग पर दशकों तक राज करनेवाली तथा सदाबहार, मन मोह लेनेवाली वरिष्ठ गायिका आशा भोसले का १२ अप्रैल को ९२ वर्ष की आयु में वृद्धावस्था के कारण ब्रीच केन्डी होस्पीटल में निधन हो गया । नाट्य, भक्ति, भावगीत, गजल, लावणी, डिस्को, पॉप, उपशास्त्रीय आदि विविध शैलियों में उन्होंने १२ सहस्र से अधिक गीत गाए । सबसे अधिक गीत गाने का रिकॉर्ड भी उनके नाम है ।

स्वास्थ्य खराब होने के कारण उन्हें ब्रीच कैंडी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था । हृदयाघात के चलते उनका निधन हुआ । उनके पुत्र आनंद ने मीडिया को यह जानकारी दी । १३ अप्रैल को दोपहर ४ बजे शिवाजी पार्क क्रीमेटोरियम में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा ।

विभिन्न भाषाओं में गाए गीत

वर्ष १९३३ में जन्मी आशा भोसले ने १९४९ से अपने गायन करियर का आरंभ किया । उन्होंने मराठी, हिन्दी, बंगाली, गुजराती, तमिल, तेलुगु सहित कई भाषाओं में गीत गाए । ‘सर्वश्रेष्ठ महिला पार्श्वगायिका’ के लिए उन्हें १९८१ एवं १९८६ में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला । इसके अलावा उन्हें ७ बार फिल्मफेयर पुरस्कार तथा भारतीय सिनेमा का सर्वोच्च सम्मान ‘दादासाहेब फाल्के पुरस्कार’ भी प्राप्त हुआ । मार्च २०२३ में महाराष्ट्र सरकार ने उन्हें ‘महाराष्ट्र भूषण’ पुरस्कार से सम्मानित किया । मराठी के साथ-साथ हिन्दी में भी उन्होंने अनेक सदाबहार गीत गाए । उनके निधन पर सभी क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्तियों ने शोक व्यक्त किया है ।

“आशा भोसले ने अपने संगीत से विश्वभर के लोगों के दिलों को छुआ” — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी ने कहा कि आशा भोसले के कई दशकों के अद्वितीय संगीत सफर ने हमारे सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया । उन्होंने अपने गीतों के माध्यम से विश्वभर के असंख्य लोगों के हृदय को स्पर्श किया । भावपूर्ण गीतों से लेकर ऊर्जावान संगीत तक, उनकी आवाज में कालातीत चमक थी । उनके गीत सदैव लोगों के जीवन में गूंजते रहेंगे ।

“ऐसी बहुमुखी गायिका फिर होना कठिन है” — देवेंद्र फडणवीस

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि आशा भोसले के निधन से मंगेशकर परिवार का एक और सितारा टूट गया । सुरों की एक सुंदर बगिया उजड गई । आशाताई की आवाज संगीत की आत्मा थी । वे संगीत के हर मौसम की हरियाली तथा भावनाओं का मधुर सागर थीं । इतने सहज रूप से विभिन्न संगीत शैलियों को अपनानेवाली ऐसी बहुमुखी गायिका फिर होना कठिन है ।