US Iran War : अमेरिका के ३ सहस्र ५०० नौसेना कमांडो सीधे खाडी देशों में पहुंचे !

ईरान की भूमि पर कार्रवाई की तैयारी

नई देहली – अमेरिका की ओर से अब ईरान में अपने सैनिक उतारकर उस पर नियंत्रण स्थापित करने का प्रयास किया जानेवाला है । अमेरिकी नौसेना के ३ सहस्र ५०० कमांडो ‘यू.एस्.एस्. त्रिपोली’ युद्धपोत से वहां पहुंच गए हैं । उनके साथ बडी संख्या में युद्धक विमान एवं हथियार भी भेजे गए हैं । ‘द वॉशिंग्टन पोस्ट’ने यह समाचार दिया है कि अमेरिका ईरान में एक भू-अभियान की तैयारी कर रहा है, जो अनेक सप्ताह तक चल सकता है । यह अभियान बडे स्थर पर नहीं होगा । इसमें विशेष दलों की छापामारी तथा भूदल की कार्रवाईयों का समावेश हो सकता है ।

यह सेना ईरान की भूमि से शवपेटियों से वापस जाएगी ! – ‘तेहरान टाईम्स’

ईरान का अंग्रेजी समाचारपत्र ‘तेहरान टाईम्स’ने अमेरिकी सेना की तैनाती पर समाचार देते हुए ‘नरक में आपका स्वागत है’, यह शीर्षक देकर ‘यह सेना ईरान की भूमि से शवपेटियों में वापस जाएगी ।’, ऐसा कहा गया है ।

अमेरिका एवं इजरायल को समर्थन न दें ! – ईरान के राष्ट्रपति की चेतावनी

मसूद पेजेश्कियान

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने खाडी देशों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे किसी भी सैन्य कार्रवाई में अमेरिका एवं इजरायल को समर्थन न दें । उन्होंने कहा कि हमने अनेक बार यह बताया है कि ईरान पहले आक्रमण नहीं करता; परंतु यदि हमारी मूलभूत सुविधाओं अथवा आर्थिक केंद्रों पर आक्रमण हुआ, तो हम उसका जोरदार जवाब देंगे । यदि इन देशों को प्रदेश में स्थिरता एवं विकास चाहिए, तो वे ईरान पर आक्रमण करने के लिए उनकी भूमि का उपयोग न करने दें ।

पाकिस्तान में संपन्न हुई ३ देशों के विदेशमंत्रियों की बैठक

पाकिस्तान में २९ मार्च को तुर्किए, इजिप्त एवं सऊदी अरब के विदेशमंत्रियों की बैठक हुई । इस बैठक में खाडी देशों की स्थिति पर बातचीत की गई; परंतु इस बैठक में क्या निर्णय लिया गया, यह ज्ञात नहीं हो सका ।

हूती आतंकियों द्वारा इजरायल पर दूसरा बडा आक्रमण

यमन में स्थित हूती आतंकियों ने इजरायल पर दूसरी बार क्षेपणास्त्रों एवं ड्रोन से आक्रमण किया । ‘जब तक इजरायल उसकी गतिविधियां बंद नहीं करता, तब तक ये आक्रमण जारी रहेंगे’, ऐसा उन्होंने कहा है ।

‘दलाल’ पाकिस्तान पर ईरान की कृपा : २० पाकिस्तानी नौकाओं को हॉर्मुज से जाने की दी अनुमति !

‘दलाल’ पाकिस्तान के विदेशमंत्री इशाक डार ने बताया कि ईरान ने पाकिस्तान के ध्वज लगे २० नौकाओं को हॉर्मुज के जलडमरूमध्य से जाने की अनुमति दी है । इस समझौते के अनुसार प्रतिदिन नौकाएं इस जलडमरूमध्य से आवाजाही करेंगी । कुछ दिन पूर्व भारत के विदेशमंत्री डॉ. जयशंकर ने पाकिस्तान द्वारा इस युद्ध में मध्यस्थता किए जाने पर उसे ‘दलाल’ कहकर उपहासजनक आलोचना की थी ।

संपादकीय भूमिका  

मध्ययुग में जिसप्रकार इस्लामी गुंडे अन्य साम्राज्यों पर आक्रमण कर वहां नरसंहार करते थे, उसप्रकार विगत के दशक में इस्लामिक स्टेट आदि आतंकी संगठन अपनी गतिविधियां चलाते रहे । इसके साथ ही मध्ययुगीन गतिविधियों के अंतर्गत जिसप्रकार एक साम्राज्य दूसरे साम्राज्य पर आक्रमण कर उस पर नियंत्रण स्थापित करता था, वैसा अब अमेरिका करने का प्रयास कर रहा है, ऐसा कहने में अब कोई आपत्ति नहीं है !