Pakistan Spy Arrest : फरीदाबाद (हरियाणा) से पाकिस्तान के जासूस को बंदी बनाया

  • पेट्रोल पंप पर वाहनों की दुरुस्ती का कार्य कर रहा था पाकिस्तानी नौशाद ।

  • संवेदनशील स्थानों के प्रत्येक छायाचित्र भेजने के लिए उसे ६ हजार रुपये मिलते थे ।

फरीदाबाद (हरियाणा) — पाकिस्तान के लिए जासूसी गतिविधियों में संलिप्त नौशाद अली उर्फ लालू को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद पुलिस द्वारा बंदी बनाया गया है । आरोपी फरीदाबाद के एक पेट्रोल पंप पर वाहनों के पंचर बनाने तथा दुरुस्ती का कार्य करता था, जबकि वह गुप्त रूप से संवेदनशील स्थलों की जानकारी पाकिस्तान तक पहुंचा रहा था ।

१. इस प्रकरण में उत्तर प्रदेश के मेरठ निवासी सुहेल , जो इस जासूसी गिरोह का मुख्य सरगना बताया जा रहा है , सहित कुल २२ आरोपियों को बंदी बनाया गया है । जांच एजेंसियां इस व्यापक जासूसी नेटवर्क की गहराई से पडताल कर रही हैं । नौशाद अली मूल रूप से बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के हरचंदा गांव का निवासी है तथा तीन माह पूर्व ही उसने फरीदाबाद के नचौली गांव स्थित पेट्रोल पंप पर अपनी दुकान कीचलानी आरंभ की थी ।

२. पुलिस जांच में सामने आया है कि नौशाद अली जासूसी नेटवर्क का सक्रिय सदस्य था । वह रेलवे स्टेशनों तथा सुरक्षा बलों से संबंधित संवेदनशील स्थानों के फोटो तथा वीडियो बनाकर ‘व्हाट्सऐप’ समूहों के माध्यम से पाकिस्तान भेजता था । प्रत्येक फोटो के लिए उसे ४ से ६ हजार रुपये तक का भुगतान किया जाता था ।

३. जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इस नेटवर्क के सदस्य संवेदनशील स्थलों से लाइव वीडियो प्रसारण भी पाकिस्तान स्थित संपर्कों को भेजते थे।

४. पेट्रोल पंप के पूर्व प्रबंधक रविंद्र ने नौशाद को यहां दुकान आरंभ करने में सहायता की थी । वहीं, मेवला महाराजपुर निवासी मुमताज नामक व्यक्ति के माध्यम से उसे कोलकाता से बुलाया गया था। वर्तमान में उत्तर प्रदेश पुलिस, उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS), दिल्ली पुलिस तथा हरियाणा पुलिस संयुक्त रूप से इस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है ।

पुलिस के अनुसार, इस जासूसी नेटवर्क की देशभर में लगभग ५० सौर ऊर्जा चालित कैमरे लगाने की योजना थी । इनमें से कुछ कैमरे दिल्ली, सोनीपत तथा अन्य रेलवे स्टेशनों के आसपास लगाए भी गए थे, जिनके माध्यम से पाकिस्तान में बैठे लोग वहां की गतिविधियों का सीधा प्रसारण देख सकते थे । इन कैमरों को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है।

इसके अतिरिक्त, अब तक ४५० से अधिक फोटो और वीडियो पाकिस्तान भेजे जाने की जानकारी सामने आई है । प्रत्येक कैमरा स्थापित करने के लिए आरोपियों को १० से १५ हजार रुपये तक मिलते थे । दिल्ली कैंट क्षेत्र तथा सोनीपत रेलवे स्टेशन के पास लगाए गए कैमरों को भी पुलिस ने बरामद कर लिया है । इस पूरे प्रकरण की जानकारी पुलिस को १४ मार्च को प्राप्त हुई थी ।

 

संपादकीय भूमिका 

देश में लगातार आतंकवादियों, उनके सहयोगियों तथा जासूसों को बंदी बनाया जा रहा है । इससे स्पष्ट होता है कि देश-विरोधी शक्तियों ने देश में कितनी गहरी पैठ बना ली है । सरकार ने यदि ऐसे लोगों को समय पर सख्त सजा दी होती, तो इस प्रकार की घटनाएं टाली जा सकती थीं ।