Amul Expired Goods : अमूल प्रतिष्ठान के ‘अंतिम तिथि‘ समाप्त हो चुके डेढ लाख किलो खाद्य पदार्थ नष्ट !

  • भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा ४ दिनों तक चलती रही नष्ट करने की कार्रवाई  

  • उत्पादों पर ‘अंतिम तिथि‘ बदलकर उन्हें दोबारा विक्रय करने का प्रयास चल रहा था

(‘एफ.एस.एस.ए.आई.’ अर्थात फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया, अर्थात भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण)

जयपुर (राजस्थान) : यहां अंतिम तिथि पार कर चुके अमूल प्रतिष्ठान के लगभग डेढ लाख किलो खाद्य उत्पाद हस्तगत करके नष्ट किए गए । भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) विभाग ने कार्रवाई करते हुए यह बडा भंडार नष्ट किया । इतना समान नष्ट करने में ४ दिन लगे । कुल मिलाकर यह सामन २७ वाहनों के बराबर था ।

यह कार्रवाई जयपुर के खो नागोरियन क्षेत्र के एक गोदाम पर छापा मारकर की गई । जांच में पता चला कि बडी मात्रा में कालबाह्य (एक्सपायर) खाद्य पदार्थ एकत्रित करके उनकी अंतिम तिथि पोंछकर नया दिनांक छापकर बाजार में विक्रय करने की तैयारी चल रही थी । जांच के समय अधिकारियों को लगभग १२ सहस्त्र कार्टन (डिब्बे) कालबाह्य उत्पादों के मिले । इनमें से लगभग ३ सहस्त्र कार्टन के पैकेटों पर से अंतिम तिथि मिटाई गई थी । गोदाम से थिनर, एसीटोन एवं अन्य रसायन भी हस्तगत किए गए । आशंका है कि इन रसायनों का उपयोग पैकेटों पर लिखा पुराना दिनांक हटाने के लिए किया जा रहा था ।

संपादकीय भूमिका 

  • इतनी बडी मात्रा में खाने योग्य न रहने वाला सामान जनता को बेचा जाने वाला था । अमूल प्रतिष्ठान के स्वामियों या उच्च अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं होगी, ऐसा संभव नहीं है । इसलिए अब सरकार को संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर से कठोर कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए ।
  • ऐसी घटनाओं से यह शंका उत्पन्न होती है कि क्या इस प्रकार के काम सभी प्रतिष्ठानों में सामान्य रूप से किए जाते हैं ? यदि किसी नागरिक के मन में यह प्रश्न उठे, तो इसके लिए किसे उत्तरदायी ठहराया जाना चाहिए – प्रतिष्ठानों को, व्यवस्था को या किसी अन्य को ?