Bomb Threat : विधानमंडल बम से उडा देने की धमकी झूठी; अफवाओं पर विश्वास न करें ! – योगेश कदम, गृहराज्यमंत्री

प्रशासन का ध्यान भटकाने का विकृत प्रयास; सुरक्षा तंत्र सतर्क !

गृहराज्यमंत्री योगेश कदम

मुंबई, १२ मार्च (संवाददाता) : बिना नाम के एक ई-मेल से १२ मार्च को सवेरे विधानमंडलसहित मुंबई के ४ महत्त्वपूर्ण स्थानों को बम से उठाने की धमकी दी गई । इसके कारण परिसर में कुछ समय तक तनाव का वातावरण बना; परंतु प्राथमिक जांच में यह धमकी झूठी होने की बात सामने आई । राज्य के गृहराज्यमंत्री योगेश कदम एवं गृहनिर्माण राज्यमंत्री पंकज भोयर ने इस संबंध में लोगों से भयभीत न होने का आवाहन किया है ।

क्या है यह घटना ?

१२ मार्च को सवेरे ६ बजकर ५७ मिनट पर धमकी का यह ई-मेल प्राप्त हुआ था । इसमें विस्फोट कराने का समय भी दिया गया था । जिन स्थानों पर विस्फोट होंगे, ऐसा कहा गया था; उनमें विधान मंडल, शेयर बाजार, मुंबई मेट्रो एवं मुंबई उच्च न्यायालय का समावेश है । इसमें मिसाईल (क्षेपणास्त्र) आक्रमण का भी उल्लेख था । इस धमकी की जानकारी मिलते ही पुलिस बल एवं ‘बमशोधक एवं बमविनाशक दल’ ने तुरंत शोध अभियान चलाया । धमकी मिलते ही मुंबई पुलिस ने भी पूरी दक्षिण मुंबई में, विशेषकर विधानभवन परिसर में शोध अभियान (सर्च ऑपरेशन) चलाया । विधानभवन के सभी प्रवेशद्वारों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है तथा यहां से आने-जानेवाले लोगों की कठोर पडताल की जा रही है ।

इस संदर्भ में गृहराज्यमंत्री योगेश कदम ने कहा कि विधानभवन उडा देने की धमकी मिली; परंतु यह ई-मेल प्रशासन का ध्यान विचलित करने के लिए ही भेजा गया झूठा ई-मेल है । विश्वस्तर पर भारत की बढी हुई प्रतिष्ठा को देखते हुए मिसाईल (क्षेपणास्त्र) आक्रमण की संभावना बहुत ही अल्प है । किसी भी राजनीतिक घटना से अथवा खाडी देशों के युद्ध के साथ इसका संबंध जोडना अनुचित होगा । विधानभवन संपूर्णरूप से सुरक्षित है ।

गृहनिर्माण राज्यमंत्री पंकज भोयर ने कहा कि देश एवं राज्य में शांति होते हुए भी कुछ विकृत प्रवृत्तियां वातावरण को बिगाडने का प्रयास कर रहे हैं; परंतु गृहविभाग की तत्परता के कारण यह षड्यंत्र नाकाम किया गया । विधानभवन के सभी प्रवेशद्वारों पर पुलिसकर्मियों की कडी सुरक्षाव्यवस्था है तथा यहां से आने-जानेवाले प्रत्येक व्यक्ति की पडताल की जा रही है । पुलिस विभाग एवं साइबर अपराध विभाग यह ई-मेल कहां से मिला है, इसकी जांच कर रहे हैं ।

संपादकीय भूमिका 

देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड करनेवाली ऐसी प्रवृत्तियों की खोज कर उन पर कठोर कार्रवाई करना आवश्यक है । नागरिक ऐसे संकटकाल में भयभीत न होकर संयम रखें तथा आधिकारिक जानकारी पर ही विश्वास करें !