‘ऑपरेशन सिंदूर’ के समय भारत ने पाकिस्तान के परमाणु प्रकल्प को लक्ष्य किया था ! – Tom Cooper

विश्वविख्यात वैमान विशेषज्ञ एवं रक्षा विश्लेषक टॉम कूपर का दावा

विश्वविख्यात वैमान विशेषज्ञ एवं रक्षा विश्लेषक टॉम कूपर

नयी दिल्ली – ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के समय भारत ने पाकिस्तान के किराना हिल्स स्थित परमाणु प्रकल्प को लक्ष्य किया था, ऐसा दावा विश्वविख्यात वैमानिकी विशेषज्ञ एवं रक्षा विश्लेषक टॉम कूपर ने एक भारतीय समाचार वाहिनी को दिए साक्षात्कार में किया है । उनके कथनानुसार इस संदर्भ में उनके पास अनेक प्रमाण उपलब्ध हैं ।

टॉम कूपर द्वारा प्रस्तुत मुख्य बिंदु

१. कूपर ने बताया कि आक्रमण का समय तथा पद्धति को देखते हुए वह एक दृढ़ रणनीतिक संदेश देने हेतु किया गया था । अधिक विध्वंस किए बिना यदि स्पष्ट चेतावनी देनी हो, तो ऐसे स्थानों पर प्रहार किया जाता है । ‘पाकिस्तान के निवासियों, हम जब चाहें, जिस स्थान पर चाहें, जितने चाहें उतने के साथ आप पर तीव्र आक्रमण कर सकते हैं’, ऐसा संदेश इसके माध्यम से दिया गया था ।

२. प्रमाणों के विषय में कूपर ने बताया कि उनके पास पर्याप्त साक्ष्य हैं । उनमें ऐसे चलचित्रों (वीडियो) का भी समावेश है , जिनमें प्रक्षेपास्त्रों (मिसाइल) के धूम्र चिह्न पर्वत पर उतरते हुए दृश्यमान हैं । उन्होंने पाकिस्तान वायु सेना के ४०९१ वें स्क्वॉड्रन (टुकड़ी) के रडार केंद्र से उठने वाले धूम्र की ओर भी ध्यान आकर्षित किया ।

३. कूपर ने कहा कि प्रमाण इतने स्पष्ट हैं कि भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान की प्रत्युत्तर देने की क्षमता को निष्प्रभावी करने हेतु सर्वप्रथम इन रडार केंद्रों पर आक्रमण किया और तत्पश्चात भूमिगत भंडारण सुविधाओं के न्यूनतम २ प्रवेशद्वारों को लक्ष्य किया ।

४. कूपर के मतानुसार, किराना हिल्स पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम के प्रमुख केंद्रों में से एक है । वहां लगभग २० से २४ गौण परमाणु परीक्षण किए गए हैं । वह कोई मनोरंजन उद्यान नहीं है ।

५. भारतीय वायु सेना द्वारा उस स्थान पर आक्रमण को नकारे जाने पर उन्होंने विस्मय व्यक्त किया । उनके अनुसार जब आक्रमण होना इतना स्पष्ट है, तब उसे अस्वीकार क्यों किया जा रहा है, यह समझ से परे है । इस तथ्य को नकारना वैसा ही है जैसे यह कहना कि सूर्य पूर्व से उदय नहीं होता । इस पर कौन विश्वास करेगा ?